जलालाबाद। बरसात बीत चुकी है, लेकिन सड़कों के गड्ढे भरने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों की कई महत्वपूर्ण सड़कें ऐसी हैं जो गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। शासन ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए हैं, लेकिन ये आदेश केवल कागजी साबित हो रहे हैं। वहीं, ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है।
जलालाबाद से इरशादपुर, किशोरपुर, इस्माइलपुर से नागल जाने वाली करीब सात किलोमीटर सड़क का निर्माण चार साल पहले हुआ था। इस मार्ग पर वाहनों की खूब आवाजाही रहती है। गन्ना सीजन में ट्रकों एवं ट्रैक्टरों से गन्ने की ढुलाई भी होती है। जिस कारण सड़क टूट गई है। वहीं, बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब हो गई। गहरे गड्ढे हो जाने के कारण राहगीर परेशान रहते हैं। उधर, जलालाबाद के जैन मंदिर गेट से गांव हसनपुर लुहारी तक संपर्क मार्ग का निर्माण काफी प्रयास के बाद गन्ना मंत्री मंत्री सुरेश राणा ने कराया था। मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय निवासी पूरन सैनी, अनुज रोड, जोगेंद्र सिंह, रफल सिंह, राजीव कुमार, नरेश सिंह, अनुज सैनी, सभासद राजेश सैनी, जनेश्वर सैनी, अशोक कोरी, बबली कश्यप, नरेश शर्मा का कहना है कि क्षेत्र की कई सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। कई बार शिकायत करने पर भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
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बीते तीन माह में पांच लोगों की मौत
जलालाबाद से हसनपुर लुहारी मार्ग की चौड़ाई कम होने तथा गड्ढों के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बीते करीब तीन महीने में इस मार्ग पर हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। दो माह पूर्व गांव किशोरपुर के दो युवकों की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके अलावा इस्माईलपुर और लुहारी निवासी एक-एक व्यक्ति की भी मौत हो चुकी है। स्थानीय निवासी संपर्क मार्ग पर ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।
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इन्होंने कहा...
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के लिए 75 लाख रुपये मिले हैं। इससे काम शुरू करा दिया गया है। एक सितंबर से काफी काम हो गया है। गड्ढा मुक्ति के लिए 157 सड़कें चिह्नित हैं। - रविंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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जिले में चिह्नित गड्ढे वाली सड़कें : 157
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए मांगा गया बजट : 238.18 लाख
गड्ढा मुक्ति के लिए अब तक मिला बजट : 75 लाख
एक सितंबर से अब तक हुआ गड्ढा मुक्ति का कार्य : 20 प्रतिशत