ट्रेनों, रोडवेज बसों में कम होने लगी सवारियां
शामली। कोरोना संक्रमण का खतरा और पंचायत चुनाव को देखते हुए आम नागरिक ट्रेनों और रोडवेज बसों में सफर करने से बचने लगे हैं। पिछले कई दिन से कोरोना के मद्देनजर लागू पड़ोसी हरियाणा एवं वेस्ट यूपी के कई जिलों में रात्रि कालीन कर्फ्यू लागू होने से सवारियां सफर करने से बच रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 से 25 प्रतिशत सवारियों की संख्या में कमी हुई है।
तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर हरियाणा के करनाल-पानीपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों में पिछले एक सप्ताह से रात्रि कालीन कर्फ्यू जारी रहने से आम नागरिकों ने रोडवेज और ट्रेनों में चलने से कतराने लगे हैं। रोडवेज बसों में कम सवारियां चलने से आय भी बीस से 25 प्रतिशत कम हुई है। ज्यादातर दिल्ली, सहारनपुर, मेरठ-पानीपत, करनाल, मुजफ्फरनगर मार्गो पर यूपी और हरियाणा राज्यो के लिए चलने वाले रूट प्रभावित हुए हैं।
शामली रोडवेज बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि प्रतिदिन 23 अनुबंधित बसों से साढ़े तीन लाख रुपये की आय हो रही थी। पिछले दो-तीन दिनों से उनकी बसों की आय दो लाख 75 हजार रुपये पर सिमट गई है। उनका कहना है कि 20-25 प्रतिशत सवारियों की कमी आई है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर जिले में पंचायत चुनाव के मद्देनजर बसों में सवारियां कम निकली हैं। शामली रेलवे स्टेशन अधीक्षक इकराम अली ने बताया कि ट्रेनों में भी कोरोना सक्रंमण का असर आया है। ट्रेनों में कम सवारियां चल रही हैं।