शामली। समाजवादी पार्टी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर टिकटों की दौड़ तेज हो गई है। कैराना के विधायक नाहिद हसन की सीट पर दावेदारी जहां पहले से तय मानी जा रही थी, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वैश्य समाज के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल की सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकातों के बाद कैराना व शामली सीटों पर नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।
बताया गया कि गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले लखनऊ में कैराना सांसद इकरा हसन और उनकी मां पूर्व सांसद तबस्सुम हसन के नेतृत्व में थानाभवन के संभावित प्रत्याशियों की अखिलेश यादव से मुलाकात कराई गई। इस दौरान भाजपा छोड़कर आए देशपाल सैनी व उनके भतीजे राहुल सैनी भी मौजूद रहे।
मुलाकात में थानाभवन क्षेत्र से 2027 के संभावित प्रत्याशियों में शेर सिंह राणा, वतन सैनी, थानाभवन नगर पंचायत अध्यक्ष जहीर मलिक तथा शामली नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के बेटे अखिल राजेश्वर बंसल शामिल रहे। वहीं नकुड़, गंगोह व सहारनपुर क्षेत्र के कुछ पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद बताए गए। हालांकि अखिल बंसल शामली विधानसभा सीट से भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
जिला नेतृत्व की गैरमौजूदगी से निकले संकेत
राजनीतिक हलकों में इस बैठक को लेकर चर्चा है कि सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी और प्रो. सुधीर पंवार की अनुपस्थिति कई संकेत देती है। इसे इकरा हसन द्वारा जिले में पारंपरिक जाट–मुस्लिम समीकरण की जगह सैनी–मुस्लिम समीकरण को आगे बढ़ाने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
2022 में जाट–मुस्लिम समीकरण से मिली थी जीत
विधानसभा चुनाव 2022 में जाट–मुस्लिम समीकरण के आधार पर थानाभवन से अशरफ खान तथा शामली से प्रसन्न चौधरी को जीत मिली थी। वहीं लोकसभा चुनाव में रालोद के भाजपा के साथ गठबंधन के बावजूद कैराना सांसद इकरा हसन को जाट बहुल गांवों में समर्थन मिला। दूसरी ओर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर हरेंद्र मलिक को मुस्लिमों का एकमुश्त वोट मिला था।
थानाभवन में जातीय गणित और टिकट का असर
पुरानी वोटर लिस्ट के अनुसार थानाभवन सीट पर जाट मतदाताओं की संख्या करीब 55 हजार बताई जाती है, जबकि सैनी मतदाता लगभग 30 हजार हैं। सपा के पास शामली जिले में किसी जाट प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने के लिए मुख्य रूप से थानाभवन सीट ही बचती है। ऐसे में यदि इकरा हसन के सुझाव पर पार्टी हाईकमान यहां से सैनी बिरादरी के प्रत्याशी को उतारता है तो जाट मतदाताओं का चुनावी रुख देखना दिलचस्प होगा।
कैराना में नाहिद हसन की दावेदारी, भाजपा में भी हलचल
कैराना विधानसभा सीट पर सपा की ओर से विधायक नाहिद हसन की दावेदारी बनी हुई है। वहीं इसी सीट पर जसाला परिवार से पूर्व कैबिनेट मंत्री व भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान लगातार सभाएं और नुक्कड़ बैठकों के जरिए भाजपा टिकट की दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। हालांकि 2024 के बाद भाजपा और रालोद गठबंधन के चलते क्षेत्र में नए समीकरण बने हैं, जिसका असर 2027 के चुनावी समीकरणों पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।