शामली। आंधी से हुए फाॅल्ट और दो स्थानों पर अज्ञात वाहनों की टक्कर से बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते शहर के कई इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। भीषण गर्मी के बीच लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन कार्य भी प्रभावित रहा।
बुधवार देर रात मौसम बदलने के साथ आंधी चली। इसी दौरान शहर के रेलपार क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन बिजली के खंभे से टकरा गया, जिससे खंभा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति करीब छह घंटे तक बाधित रही। सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू कराया। कड़ी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
उधर, औद्योगिक क्षेत्र में भी एक अज्ञात वाहन द्वारा बिजली के खंभे में टक्कर मारने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई। उद्यमी दीपक ने बताया कि करीब चार घंटे तक बिजली न मिलने से औद्योगिक इकाइयों का कामकाज प्रभावित रहा। मशीनें बंद रहने के कारण उत्पादन पर भी असर पड़ा।
इसके अलावा फाॅल्ट के कारण दिल्ली रोड, वर्मा मार्केट, सीबी गुप्ता कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। रातभर लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी के कारण कई स्थानों पर फाॅल्ट हुए थे और कुछ जगहों पर खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए। विभागीय टीमों ने रातभर काम कर अधिकांश क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल कर दी।
देहात क्षेत्रों में भी बिजली संकट
देहात क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था चरमराई रही। कैराना, कांधला, जलालाबाद, थानाभवन, ऊन और गढ़ीपुख्ता क्षेत्र में बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई किसान खेतों की पलेवा नहीं कर सके। भाकियू के मंडल प्रवक्ता जाहिद और भाकियू अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित आपूर्ति नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि कई गांवों में केवल 10 से 11 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में जल्द जिलाधिकारी से मिलने की बात कही है।
हेल्पलाइन पर पहुंचीं 60 शिकायतें
बिजली आपूर्ति बाधित होने और फाॅल्ट के बाद ऊर्जा निगम की हेल्पलाइन पर करीब 60 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें अधिकांश शिकायतें बिजली गुल रहने और लो-वोल्टेज की समस्या से संबंधित थीं। विभागीय टीमों ने शिकायतों के निस्तारण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया।