शामली। कृषि प्रधान क्षेत्र में किसानों का उत्पीड़न हर स्तर पर हो रहा है। धान की फसल को लेकर भी किसानों के साथ ऐसा ही हुआ। प्रशासन ने महज कागजों में ही धान खरीद केंद्र बना दिए, जिस कारण किसानों को औने पौने दाम पर धान बाजार में बेचना पड़ रहा है। कई किसानों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत कर धान खरीद केंद्र चालू कराने की मांग की है।
दरअसल, शामली जिले के ऊन, झिंझाना, थानाभवन, कैराना और कांधला क्षेत्र में धान की फसल बोई जाती है। इस बार धान की पैदावार भी अच्छी हुई, लेकिन सरकारी धान खरीद केंद्र ही चालू नहीं कराए गए। धान खरीद केंद्र बनाए तो गए, मगर वहां कर्मचारियों की तैनाती नहीं की।
इस कारण धान खरीद केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। किसान राजनीति से जुड़े जितेंद्र हुड्डा ने मामले में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कहा कि शामली जिले के तमाम किसानों को धान बेचना मुश्किल हो गया है। दरअसल, बाजार में धान का मूल्य महज 1150 रुपये प्रति कुंतल मिल रहा है, जबकि सरकारी मूल्य 1450 रुपये प्रति कुंतल घोषित किया गया है। जिलाधिकारी ने जिला विपणन अधिकारी को मामले में कार्रवाई के लिए कहा है।