शामली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की ओर से दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन के अंतर्गत आ रहे शामली बाईपास के मूल गजट अधिसूचना की प्रतिलिपि सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी कार्य देख रेख सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को मिल गया है। जल्द ही बाईपास की जद में आ रहे गांवों के किसानों की भूमि का मुआवजा दिए जाने के लिए अवार्ड प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अवार्ड प्रक्रिया पर किसानों की आपत्तियों के निस्तारण के बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर फोरलेन के अंतर्गत आ रहे शामली बाईपास की जद में किसानों की 36.6344 हेक्टेयर आ रही है। अभी तक 31.5609 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है। 5.0735 हेक्टेयर भूमि खरीदनी अवशेष है। बनत कस्बे की किसानों की भूमि का मुआवजा रेट पर आम सहमति न बनने से अवार्ड तैयार करने के लिए सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी को छह माह पूर्व जिम्मेदारी दी गई थी। सहारनपुर के भूमि अध्यापित अधिकारी का कार्य देख रहे सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई द्वारा शामली बाईपास का मूल गजट यानि अधिसूचना नहीं भिजवा सके है। इससे अवार्ड प्रक्रिया अधर में लटकी हुई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के परियोजना प्रबंधक एस के मिश्रा ने बताया कि सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी कार्य देख रहे सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को बुधवार को भिजवा दी गई है। जल्द ही बाईपास की जद में आ रहे गांवों के किसानों की भूमि के मुआवजा दिए जाने के लिए अवार्ड प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट सहारनपुर पंकज वर्मा ने बताया कि बनत-शामली समेत तीन गांवों का मूल गजट यानि अधिसूचना पत्र प्राप्त हो गया है। इन गांवों के किसानों को कोई भी आपत्ति है, तो वह एसएलओ के यहां अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।
पानीपत-नगीना कोटद्वार मार्ग के संबंध में सुनवाई 18 नवंबर को
शामली। एडीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पानीपत-नगीना कोटद्वार मार्ग के चौड़ीकरण के तहत उनके यहां 18 नवबंर को सुबह 11 बजे आपत्तियों की सुनवाई होगी। संबंधी व्यक्ति उनके कार्यालय में पूर्वाह्न 11 बजे उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।