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दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर की जद में आए किसानों की सुनी समस्याएं

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बाबरी में एसडीएम के सामने समस्या रखते किसान - फोटो : SHAMLI
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बाबरी। कैड़ी रोड स्थित गुरु कृपा पेट्रोल पंप पर बुधवार को दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर निर्माण की जद में आने वाले किसानी की आपत्तियों के निस्तारण के लिए कई विभागों के अधिकारी बाबरी पहुंचे। किसानों को उनकी समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया।
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किसानों की पेट्रोल पंप के बराबर की भूमि का कॉमर्शियल रेट मुआवजे मांग को लेकर एसडीएम संदीप कुमार ने कहा कि मुआवजा शासन स्तर से बढ़ाया जाएगा। किसानों ने खेतों में खड़े पेड़ों की दोबारा गिनती कराई जाने की मांग पर वनकर्मियों को आदेश दिया। जिसके बाद पेड़ों की संख्या आंकी जाएगी। हाईवे की दोनों साइडों में किसानों की बची हुई भूमि में पानी की समस्या पर एसडीएम ने कहा कि हर जगह एक्सप्रेस-वे में नाली बनना संभव नहीं है। नलकूपों का 40 हजार रुपये का मुआवजा बढ़ाने पर नलकूप विभाग से जांच कराने की मांग की।
एसडीएम ने किसानों को बताया कि शासनादेश के अनुसार मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना अधिक देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुआवजा शासन स्तर से बढ़ाने का प्रावधान है। एसडीएम संदीप कुमार ने पीडब्ल्यूडी के जेई आमोद कुमार को एक्सईएन प्रेम सिंह के मौके पर न आने पर हड़काया। बताया कि 100 करोड़ रुपये किसानों के मुआवजे के लिए आए हुए हैं। जिस किसी भी किसान को पैसे चाहिए, वो आधार कार्ड, फोटो, बैंक पासबुक, खतौनी लेकर कार्यालय पहुंचे व मुआवजा राशि प्राप्त करें।
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एनएचएआई के परियोजना अधिकारी संजय कुमार मिश्रा को किसानों ने सख्त लहजे में कहा की मुआवजे व अन्य मांगों का समाधान होने तक किसानों के खेत में कर्मचारी न घुसने पाएं। इस दौरान पीडब्ल्यूडी के जेई आमोद कुमार, वन विभाग की ऊन रेंज के वन दरोगा फिरोज आलम, हल्का लेखपाल कुलवंत सिंह मौजूद रहे।
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