शामली/कांधला। बागपत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी कुख्यात विपुल उर्फ खूनी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पश्चिमी उप्र के बदमाशों में उसका नाम शुमार था। 21 वर्ष पूर्व 2005 में उसने गांव में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने की वारदात से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर व रंगदारी समेत ताबड़तोड़ अपराध किए। उस पर 38 मामले दर्ज थे। वह करीब तीन साल से मुजफ्फरनगर न्यायालय से गैरहाजिर चल रहा था। कांधला थाने पर रंगदारी मांगने के मामले में वह वांछित चल रहा था। उस पर शामली पुलिस की संस्तुति पर डीआईजी सहारनपुर की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
कुख्यात विपुल उर्फ खूनी थाना कांधला का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 24 ए खुली है। वह बेहद शातिर और पुलिस को चकमा देकर संगीन वारदातों को अंजाम देता रहा है। वह थाना कांधला की टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल रहा और उसके विरुद्ध थाना कांधला थाने पर 21 मामले दर्ज हैं जबकि अन्य जनपदों के मिलाकर 38 आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विपुल ने लगभग 21 वर्ष पूर्व 6 सितंबर 2005 को गांव भभीसा निवासी राजू के घर में घुसकर उसकी हत्या की नीयत से गोली चलाने के आरोप में उसके विरुद्ध थाना कांधला में पहला मामला दर्ज हुआ। 2014 में गांव निवासी पवन सिंह की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया।
18 जून 2017 को गांव हुरमजपुर के जंगलों में पुलिस और विपुल के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों ओर से लगभग 40 राउंड फायरिंग हुई। मुठभेड़ में विपुल के दोनों पैरों में तीन गोलियां लगीं, जबकि उसके साथी शत्रु के पैर में भी गोली लगी थी। पुलिस ने दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के बाद विपुल लंबे समय तक डासना जेल में भी बंद रहा। बाद में उसे जमानत मिल गई। लगभग तीन वर्ष पूर्व जमानत पर रिहा होने के बाद से वह न्यायालय से गैरहाजिर चल रहा था। 2008 में शामली में व्यापारी की गोली मारकर हत्या करने में उसका नाम आया था। वर्ष 2014 में बागपत के गांव खेकड़ा में अपहरण की वारदात में शामिल रहा। रमाला व कांधला क्षेत्र में दो लोगों हत्या की वारदातें और 2016 व 2017 में कांधला व बागपत में ईंट-भट्ठा संचालकों से रंगदारी मांगने और धमकी देने में भी उसका नाम सामने आया था। मुजफ्फरनगर जिले के खतौली में हत्या करने और बैंक में डकैती की वारदात में भी उसका नाम सामने आया था।
पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि कांधला थाने में सात अप्रैल 2026 को विपुल के विरुद्ध रंगदारी मांगने का मामला दर्ज हुआ था। यह मामला गांव भभीसा निवासी अशोक की तरफ से दर्ज कराया गया था। विपुल उर्फ खूनी ने अशोक के भाई पवन की 2014 में हत्या कर दी थी। जेल से आने के बाद वह खर्चे के लिए रंगदारी मांग रहा था। इस मामले में विपुल वांछित चल रहा था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उनकी तरफ से उस पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। न्यायालय से गैरहाजिर चलने पर कुर्की की कार्रवाई की गई थी।
शामली पुलिस तलाश करती रही, बागपत में एसटीएफ ने किया ढेर
शामली। कुख्यात अपराधी विपुल उर्फ खूनी के पीछे शामली पुलिस भी लगी थी। स्वाट व क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश में लगी थी। शामली पुलिस उसे तलाश करती रह गई और बागपत में एसटीएफ ने उसे ढेर कर दिया। पिछले करीब एक साल से शामली पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। बताया गया है कि वह बागपत व दिल्ली समेत बाहर के जिलों में शरण ले रहा था। शामली पुलिस लगातार उसकी टोह में लगी थी। सर्विलांस सेल को सक्रिय किया गया था। लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका था। शनिवार शाम को एसटीएफ ने बागपत जिले में विपुल उर्फ खूनी को ढेर कर दिया।