शामली झिंझाना रोड पर स्थित अपना घर आश्रम
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जरूरतमंदों को मिल रहा रोटी, कपड़ा और मकान
शामली। नर सेवा को नारायण सेवा का दर्जा दिया गया है। इसी को आत्मसात करते हुए कई लोग बिना किसी प्रचार के जनसेवा में जुटे रहते हैं। गुप्तदान के महत्व को समझते हुए लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं। जिले में भी ऐसी ही एक संस्था का संचालन किया जा रहा है, जिसमें गरीबों एवं असहायों को सहारा दिया गया है। संस्थापक के अतिरिक्त दान करने वालों के सहयोग से इन लोगों को सहारा मिला है।
पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने प्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक संत विजय कौशल महाराज की प्रेरणा से 29 जनवरी 2015 में करनाल रोड पर भूमि खरीदकर अपना घर आश्रम की स्थापना की। अपनाघर आश्रम में 120 बेड की व्यवस्था हैं। यहां पर असहाय गरीब लोगों की रहने, भोजन, कपड़ों एवं उपचार की निशुल्क व्यवस्था की जाती है। लावारिस और असहाय लोगों की सूचना पर एंबुलेंस के द्वारा अपना घर आश्रम पर लाया जाता है। आश्रम में उपचार से लेकर भोजन कराने की व्यवस्था के लिए 15 कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। अपना घर आश्रम प्रबंध समिति की ओर से शहर के मेरठ रोड पर शामली रोडवेज बस अड्डे के पास वर्ष 2016 से प्रभु जी की रसोई चल रही है, जिसमें 200 लोगों को प्रतिदिन भोजन कराया जाता है। अपना घर आश्रम के संस्थापक व पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने बताया कि अपना घर आश्रम व प्रभुजी की रसोई में दोपहर में भोजन की व्यवस्था के लिए सामाजिक लोग अपनी इच्छा से भोजन कराने को कहते हैं। गुप्त दानदाताओं के न आने पर संस्था के पदाधिकारियों के सहयोग से भोजन कराने की व्यवस्था की जाती है। उनका कहना है कि संस्था के पदाधिकारियों और गुप्तदान के सहारे अपना घर आश्रम और प्रभुजी की रसोई चल रही है। कोरोना काल में दो लाख लोगों लोगों को भोजन कराया गया।