कांधला। मोहल्ला शेखजादगान में मीट विक्रेताओं को पुलिस ने बिना लाइसेंस मीट बेचने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी, जिससे मीट व्यापारियों में खलबली मच गई।
मीट व्यापारियों ने थाने जाकर थानाध्यक्ष से मुलाकात कर कहा कि पालिका की तरफ से मीट बिक्री की अनुमति दी गई है, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी बेवजह परेशान करने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं।
कस्बा कांधला में मीट की दुकानों और अवैध पशु कटान को पुलिस ने बंद करा दिया था और प्रशासन से लाइसेंस बनवाकर ही मीट बेचने की हिदायत दी थी। जिसके चलते कस्बे के 18 मीट विक्रेताओं ने पालिका प्रशासन से मीट बेचने की अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
वहीं, इस मामले के बार में व्यापारियों ने बताया कि उन्हें जनपद सहारनपुर के कस्बा गंगोह स्थित लाइसेंसी पशु वधशाला से मीट खरीदकर लाने और दुकान पर बेचने के लिए पालिका ने अनुमति दे रखी है। इसी आधार पर वह नियमों का पालन करते हुए मीट बिक्री कर रहे हैं।
वहीं, मंगलवार को कुछ लोगों ने पुलिस से शिकायत कर कहा कि अवैध रूप से बगैर लाइसेंस के मीट की दुकानें चल रही हैं। इसके चलते पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना लाइसेंस मीट बेचने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
इससे मीट विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और पालिका से जारी अनुमति पत्र लेकर सभी मीट विक्रेता थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका से अनुमति लेने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी दबाव बनाकर दुकान बंद कराने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गंगोह मीट फैक्टरी से मीट खरीदकर लाने की रसीद भी उनके पास है। और मानक के अनुरूप ही मीट बेच रहे हैं। इसके बाद भी उनका शोषण किया जा रहा है। जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया।
उन्होंने थानाध्यक्ष एमएस गिल से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया। थाना प्रभारी ने विक्रेताओं को मांस बेचने के लिए डीएम कार्यालय से अनुमति लाने और मानकों को पूरा करने की हिदायत दी।
जिसके चलते व्यापारी थाने से लौट आए। इस दौरान शमीम, इकराम, इरफान, नसीर, इमरान, आसिफ, हाजी महबूब, नसीम जंगा आदि उपस्थित रहे। पालिका परिषद कांधला के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा का कहना है कि व्यापारियों को लाइसेंसी मीट प्लांट से मीट लाकर बेचने की अनुमति दी गई है, लेकिन पशु कटान की अनुमति किसी को नहीं है। यदि अवैध रूप से पशु कटान किया जाता है, तो उसमें पुलिस को कार्रवाई करने का अधिकार है।