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श्राद्ध के पहले दिन बाजार को फटका , 50 फीसदी कम हुई बिक्री

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बुधवार को शामली के बाजार में ज्यादा भीड़भाड़ नजर नहीं आई। - फोटो : shamli
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शामली। कोरोना संक्रमण काल में मंदी के दौर से गुजर रहे बाजार को अब श्राद्ध पक्ष से बड़ा झटका लगा है।
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मान्यता है कि पितृ पक्ष में नई शुरुआत शुभ नहीं होती, इसलिए खरीदारी बंद कर दी गई है। इसके चलते श्राद्ध पक्ष के पहले दिन ही जिले के बाजार को लगभग दस करोड़ के कारोबार का फटका लगा है। पितृ पक्ष के 16 दिन चलेंगे और इसके बाद एक माह के मल मास (लोंद) के दौरान जिले के बाजारों में मंदी छाई रहेगी। पिछले साल की अपेक्षा इस बार डेढ़ माह में 50 फीसदी से भी कम का कारोबार होने का अनुमान है। जिले में प्रतिदिन करीब 75 से 80 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, लेकिन कोरोना काल में यह सिमटकर 35 से 40 करोड़ रुपये पर आ गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष के पहले दिन ही करीब दस करोड़ रुपये के कारोबार में गिरावट आई है। श्राद्ध समाप्ति के बाद अगले एक माह और बाजार मंदी के दौर से गुजरेगा। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 50 फीसदी कारोबार में गिरावट दर्ज की गई है।
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नई चीजों की खरीदारी को शुभ नहीं मानते लोग
16 दिन का पितृ पक्ष बुधवार से शुरू हो गया है। 17 सितंबर को श्राद्ध समाप्ति के बाद एक माह का मल मास शुरू होगा। मल मास 18 सितंबर से शुरू होकर 16 अक्तूबर तक चलेगा। अगले डेढ़ माह तक कारोबार काफी प्रभावित होगा। शामली के पंडित प्रभुशंकर शास्त्री, पंडित कुशलानंद जोशी के मुताबिक पितृ पक्ष और मल मास में कपड़ा, बर्तन, सोने-चांदी के जेवरात एवं जमीन-जायदाद की खरीदारी को अशुभ माना जाता है। 16 दिन श्राद्ध-तर्पण इत्यादि कार्य किए जाते हैं।
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50 फीसदी बाजार में गिरावट आई
शामली। करनाल रोड स्थित ओटो मोबाइल के संचालक पुष्पेंद्र शर्मा का कहना है कि पितृ पक्ष के पहले दिन कारोबार पर 50 फीसदी असर पड़ा है। प्रतिदिन 15 वाहनों की बिक्री होती थी। बुधवार को केवल पांच वाहन ही बिके। दिल्ली रोड स्थित होंडा एजेंसी के सेल्स मैनेजर अंकुर कुमार का कहना है कि 10-12 बाइकें प्रतिदिन बिकती थीं, लेकिन आज सात ही बिकी हैं।
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20 प्रतिशत कारोबार सिमटा
शामली। नगरपालिका रोड और अस्पताल रोड पर कपड़ा और सराफा व्यापारी सतीश चंद जैन का कहना है कि प्रतिदिन 60- 70 प्रतिशत कपड़े की बिक्री होती थी। श्राद्ध में सिर्फ 20 प्रतिशत कारोबार सिमट गया है। महंगाई ज्यादा होने से सोने- चांदी के जेवरात के ग्राहक बाजार में नहीं रहा है। बुढ़ाना रोड स्थित कपड़ा व्यापारी रमेश चंद गुप्ता का कहना है कि पहले दिन बाजार ठंडा रहा है। पहले कपड़ा बाजार में फिलहाल 50 फीसदी कारोबार था। पहले दिन नाम मात्र की कपड़े की खरीदारी हुई है।
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