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Shamli News: एक बिल का कमाल... हर काम में कर दिया इस्तेमाल

Thu, 13 Aug 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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एक्सक्लूसिव...ई स्वराज पोर्टल.. मियान कस्बा में हैंडपंप रिबोर समेत पंद्रह से अधिक कार्यों में ग
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शामली। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर गोलमाल के लिए अब सचिवों ने अलग तरह का तरीका निकाल लिया है। ई-स्वराज पोर्टल की पड़ताल में सामने आया कि अलग-अलग विकास कार्यों के भुगतान के लिए एक ही बिल को बार-बार अपलोड किया गया। इतना ही नहीं, एक ग्राम पंचायत का बिल दूसरे गांव में कराए गए कार्यों के भुगतान के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। संवाद
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आंगनबाड़ी केंद्र के फर्श से लेकर हैंडपंप रीबोर तक एक ही बिल
मियान कस्बे में जुलाई माह में हैंडपंप रीबोर के 1.80 लाख रुपये के भुगतान के लिए एक बिल अपलोड किया गया। इसी बिल पर प्रमाणित किया गया कि ग्राम पंचायत में आपूर्ति कार्य, प्रधान मानदेय, पंचायत सहायक मानदेय, केयरटेकर मानदेय और सीसी टाइलिंग, रीबोर आदि के कार्य कराए गए हैं, जिनका भुगतान ग्राम पंचायत से किया जाएगा। इसके बाद इसी बिल को 2.14 लाख रुपये के दूसरे भुगतान के नाम पर भी अपलोड कर दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्र में फर्श निर्माण कार्य के 41,465 रुपये के भुगतान के लिए भी यही बिल अपलोड किया गया। मई माह में तालाब के जीर्णोद्धार के 3.83 लाख रुपये समेत करीब नौ भुगतानों के लिए भी यही बिल अपलोड किया गया।

चौतरा में भी एक ही बिल का खेल
यूसुफपुर चौतरा गांव में नाला सफाई के लिए 24,300 रुपये का बिल अपलोड किया गया। इसके बाद 27,625 रुपये के नाला सफाई कार्य में भी मजदूरों की हाजिरी वाला वही दस्तावेज अपलोड किया गया। 98,330 रुपये के मिट्टी भराव कार्य में भी वही मजदूरों की हाजिरी और मस्टर रोल अपलोड किया गया। इस तरह एक ही मस्टर रोल और मजदूरों की हाजिरी को चार बार अपलोड किया गया।इसी गांव में टंकी निर्माण के मिट्टी भराव के भुगतान में भी यही बिल लगाया गया। मजदूरों के भुगतान के लिए 98,330 रुपये दर्शाए गए लेकिन अपलोड किए गए दस्तावेज में मजदूरों के हस्ताक्षर नहीं मिले।
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दूसरे गांव का बिल भी हो रहा इस्तेमाल
पांथुपुरा ग्राम पंचायत के मजरा थरपुर में तालाब खोदाई के लिए 25,824 रुपये का बिल अपलोड किया गया। इसी बिल को आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 50 हजार रुपये के भुगतान में भी लगाया गया। 8,240 रुपये के एक अन्य भुगतान में भी 25,824 रुपये वाला बिल ही अपलोड किया गया। प्रधान का 19 हजार रुपये का मानदेय दर्शाकर भी यही बिल लगाया गया। मई माह में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए 1,58,047 रुपये का भुगतान दर्शाया गया लेकिन इसके लिए भी 25,824 रुपये वाला वही बिल अपलोड किया गया। पड़ताल में गढ़ी हसनपुर गांव का बिल भी अन्य कार्यों के भुगतान में अपलोड किया गया।



जिलाधिकारी ने गठित की समिति

जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि एक ही बिल को हैंडपंप रीबोर से लेकर आंगनबाड़ी मरम्मत और अन्य कार्यों में अपलोड करने का मामला गंभीर है। मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी सूरत में गोलमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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