शामली। आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के मोहल्ला रेलपार स्थित प्राचीन सिद्धपीठ शिव मंदिर से पांच दिन पहले चोरी हुई भगवान शिव की पीतल की मूर्ति ईख के खेत से कांबिंग के दौरान बरामद हो गई। मूर्ति को गड्ढे की खोदाई कर मिट्टी में दबाया हुआ था। मूर्ति की विधि विधान के साथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई।
प्राचीन सिद्धपीठ सदाशिव मंदिर से पांच दिन पहले बृहस्पतिवार को दिन में ही भगवान शिव की मूर्ति चोरी हो गई थी। मंदिर कमेटी के सदस्य ऋषिपाल सिंह की तरफ से आदर्श मंडी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को सुबह रेलपार के लोग इकट्ठे होकर आदर्श मंडी थाने पहुंचे। लोगाें ने मूर्ति बरामद न होने पर पुलिस के खिलाफ रोष व्यक्त किया। पुलिस और मोहल्ले के लोग इकट्ठे होकर मंदिर पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस के साथ लोगोंं ने मंदिर के आसपास खेतों में मूर्ति की तलाश में कांबिंग शुरू की। करीब आधे घंटे की तलाश के दौरान ईख के खेत से मूर्ति बरामद हुई।
मूर्ति को प्लास्टिक के बोरे में गड्ढे की खोदाई कर मिट्टी में दबाया गया था। चूहों के द्वारा मिट्टी की खोदाई कर ऊपर निकाल रखा था, जिससे बोरे का कुछ हिस्सा मिट्टी से बाहर दिखाई दे रहा था। लोगों की नजर उस पर पड़ी। इसके बाद उसे बाहर निकाला तो उससे मूर्ति बरामद हुई। इसके बाद मंदिर में विधि विधान के साथ मूर्ति का मंत्रोच्चारण के साथ शुद्धिकरण कर प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। इस अवसर पर आरती व प्रसाद का वितरण किया गया।
- मूर्ति चोरों की तलाश करना पुलिस के लिए चुनौती
शामली। सदाशिव मंदिर से चोरी हुई मूर्ति बरामद हो गई हो, लेकिन मूर्ति चोरी करने वालों को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। मंदिर व उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे न होने से अभी तक पुलिस मूर्ति ले जाने वालों की पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस का कहना है कि मूर्ति चोरी करने वालों की तलाश की जाएगी।
- मूर्ति को गड्ढे से निकालकर नहीं ले जा सके चोर
मंदिर से मूर्ति चोरी करने के बाद चोरों ने उसे ईख के खेत में गड्ढे में दबा दिया था। लेकिन मोहल्ले के लोगों की सजगता व पुलिस द्वारा तलाश शुरू होने के चलते चोर वहां से मूर्ति निकालकर नहीं ले जा सके। शायद उन्हें पकड़े जाने का डर था। श्रद्धालु राजीव कुमार, अमित चौधरी व परमेंद्र निर्वाल ने बताया कि चोरों ने मूर्ति चोरी करने के दौरान शिवलिंग के चारों तरफ लगी चांदी की मजबूत परत को किसी नुकीली वस्तु से उखाड़ने की कोशिश की गई थी। इसका वजन करीब 30 किलो से ज्यादा है, लेकिन चोर इसे उखाड़कर ले जाने में सफल नहीं हो पाए थे।