कैराना। नाबालिक सौतेली बेटी के साथ मारपीट करने और दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर तीन माह की अल्प अवधि में ही अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने मुजरिम राजेंद्र निवासी गांव दूधली झिंझाना को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवन काल तक) और 23 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 4 माह का कारावास भुगतना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान, विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र मलिक और कोर्ट मोहर्रिर पवन कुमार ने बताया कि 14 अगस्त 2023 को थाना झिंझाना पर 14 वर्षीय किशोरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका सौतेला पिता राजेंद्र उसके साथ मारपीट करता है। साथ ही कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल कराने के साथ ही कोर्ट में उसके बयान कराए थे। पुलिस ने मुजरिम राजेंद्र को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। 22 अगस्त को पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिए थे। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश मुमताज अली ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम राजेंद्र निवासी गांव दूधली थाना झिंझाना को आजीवन कारावास और 23 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थ दंड अदा नहीं करने पर चार माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। मुजरिम राजेंद्र की उम्र 45 वर्ष है।
-खुद पुलिस को सुनाई थी व्यथा
पीड़िता ने पुलिस को खुद ही थाने पर पहुंचकर व्यथा सुनाई थी। आरोप था कि सौतेला पिता उसके साथ गलत काम करता है। यही नहीं उसकी मां के साथ भी मारपीट की जाती है। इस मामले में एसपी के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने इस मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए थे।