शामली/चौसाना। सहारनपुर के कुंडाबसी गांव में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट के बाद शामली में भी पटाखा निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में फुलझड़ी बनाने के लिए 24 लाइसेंस जारी हैं लेकिन आरोप है कि कई स्थानों पर फुलझड़ी की आड़ में प्रतिबंधित पटाखों का निर्माण किया जा रहा है। डीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कहीं है।
जिले में फुलझड़ी बनाने के कांधला में सात, थानाभवन में 12 और गढ़ीपुख्ता में चार हैं। इसके अलावा अन्य मिलाकर कुल 24 लाइसेंस है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फुलझड़ी निर्माण की अनुमति लेकर कुछ स्थानों पर अन्य पटाखों का निर्माण किया जा रहा है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
सपा के प्रोफेसर सुधीर पंवार, राजन कुमार का कहना है कि मामले को लेकर जिलाधिकारी से भी मिलेंगे। डीएम आलोक यादव ने कहा कि जिलेभर में अवैध पटाखा फैक्टरियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
शामली में भी बारूद बन चुका है मौत का कारण
31 जनवरी 2020 (कांधला)। पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से पांच लोगों की मौत हुई थी। 1 अक्तूबर 2021 (कैराना)। अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके से चार लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। 2 सितंबर 2023 (शामली शहर)। दयानंद नगर में मकान के अंदर चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से वृद्ध महिला की मौत हुई थी। 22 अक्तूबर 2024 (कांधला)। लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से कई धमाके हुए थे, हालांकि मजदूरों ने भागकर जान बचा ली थी।