शामली चरण सिंह कॉलोनी में जानकारी देते वृद्व ब्रहमसिंह
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बताशे बांटकर मनाया था पहले गणतंत्र दिवस का जश्न
शामली। देश के पहले गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर गांव देेहात से लेकर शहरों में खुशी का माहौल था। 26 जनवरी 1950 को मनाए जाने वाले इस समारोह के दिन भारत का संविधान लागू किया गया था। देश के पहले गणतंत्र दिवस के संबंध में 95 वर्षीय ब्रह्म सिंह बताते हैं कि उस दिन गांव में बताशे बांटकर खुशी मनाई गई थी।
शहर की चौधरी चरण सिंह कॉलोनी में परिवार के साथ रहने वाले वृद्ध ब्रह्म सिंह मूल रूप से गांव मुंडभर के निवासी हैं। पहले गणतंत्र दिवस के बारे में जब उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पहले लोगों में भाईचारा और प्रेम था। देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई थी। जिस दिन संविधान लागू हुआ वह दिन भारत और उसमें रहने वाले लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। ब्रह्म सिंह ने उस दिन को याद करते हुए कहा कि पहले टीवी या अन्य संचार के कोई साधन नहीं थे। उस समय वे करीब 25 साल के थे और खेतीबाड़ी करते थे। गांव में रेडियो हुआ करती थी। उसी से पता चला था कि 26 जनवरी 1950 को भारत का अपना संविधान लागू किया जा रहा है।
जब गांव में यह पता चला था तो गांव के लोगों में अलग ही खुशी थी। ऐसा लग रहा था कि अब आजादी के बाद उनकी अपनी खुद की सरकार होगी। आज की तरह पहले गांव में मिठाई तो होती नहीं थी। लोगों ने बताशे बांटकर खुशी मनाई थी। गांव के युवाओं में देशभक्ति का अलग ही जोश था। गांव में युवाओं की टोली भारत माता की जय के नारे लगाए थे। उस दिन गांव में त्योहार जैसा माहौल था, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोग शामिल हुए थे।