शामली। स्वास्थ्य विभाग में कार्यालय की पत्रावलियों को लेकर सीएमओ की ओर से जारी एक आदेश के बाद एनएचएम के व्हाट्सएप ग्रुप में घमासान मच गया। आदेश में कार्यालय की पत्रावलियों को वरिष्ठ सहायक के हस्ताक्षर के बाद ही सीएमओ के सामने प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ग्रुप में विरोध जताया। वहीं सीएमओ ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल कार्यालय और कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों के लिए है, चिकित्सकों पर लागू नहीं है।
सीएमओ डॉ. टीके सक्सेना की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक अधिकारी के पद पर अग्रिम व्यवस्था होने तक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक देव कुमार को प्रशासनिक अधिकारी के पदीय दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नामित किया गया है। कार्यालय की सभी पत्रावलियां देव कुमार के हस्ताक्षर के बाद ही सीएमओ के सामने प्रस्तुत की जाएंगी।
आदेश सामने आने के बाद एनएचएम शामली के व्हाट्सएप ग्रुप में चिकित्सकों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक चिकित्सक ने लिखा कि सीएमओ अभी नए हैं और उन्हें गुमराह किया जा रहा है। चिकित्सक ने कहा कि कार्यालय सहायक ने आते ही सीएमओ को मिस गाइड किया है और इससे सीएमओ का नुकसान हो सकता है।
उन्होंने व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की। एक अन्य चिकित्सक ने कहा कि यह व्यवस्था खत्म होनी चाहिए और पत्रावलियों से संबंधित अधिकार सीएमओ के पास ही रहने चाहिए।