मु0गर दंगे की बीच से निकल कर आये शामली के अधिवक्ता राकेश गर्ग व पत्नी अंजली गर्ग
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मुजफ्फरनगर से सहमा लौटा परिवार
शामली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के दौरान वहां गया शामली का एक परिवार रात को सहमा सा लौटा। इसके अलावा यहां के कई परिवार वहां रहने वाले अपने रिश्तेदारों के हाल जानते रहे।
शामली निवासी अंजली गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में उनकी रिश्तेदारी में निधन हो गया था। वे परिवार के साथ वहां गए थे। जाते हुए शहर भर में जगह जगह पुलिस तैैनात थी। दोपहर में वहां पर बवाल हो गया। पता चला कि हिंसा हुई है। शाम को वह लौटने लगे, तो रिश्तेदारों ने माहौल की जानकारी देकर रोकने की कोशिश की। हालांकि वह नहीं रुके, लेकिन जब वह शामली के लिए चले तो जगह जगह सैकड़ों सड़कों पर लोग जमा थे। पुलिस ही पुलिस नजर आ रही थी, जिसे देख वे कुछ डरे सहमे भी थे, लेकिन किसी तरह वहां से शामली पहुंचे। उधर, शहर निवासी प्रवीण कुमार ने बताया कि उनकी मुजफ्फरनगर में रिश्तेदारी है। वहां के हालात का पता चला तो उन्होंने कुशलता के बारे में जानकारी ली। बताया कि काफी लोग सड़कों पर जमा हैं और पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है। नंदकिशोर ने बताया कि उनकी बहन और दामाद मुजफ्फरनगर में रहते हैं। उन्होंने भी बहन को फोन कर कुशलता जानी। इसी तरह लोग हापुड़ में भी अपने रिश्तेदार परिचितों की कुशलता जान रहे थे।