शामली। एनसीसी कैंप से निकाले गए छात्रों ने एक बार फिर डीएम से मिलकर गुहार लगाई है। उन्होंने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि उन्हें यदि बी प्रमाणपत्र नहीं मिला तो दो साल की मेहनत बेकार हो जाएगी। इस प्रमाणपत्र का लाभ लेकर सेना में भर्ती होने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा। उधर, इस प्रकरण में डीआईओएस सरदार सिंह ने शुक्रवार को एनसीसी कार्यालय में पहुंचकर जांच की।
जिले के श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज, श्री महाराजा सूरजमल इंटर कॉलेज, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज तथा सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों को एनसीसी कैंप में शामिल नहीं किया गया। ये छात्र बी प्रमाणपत्र के लिए प्रशिक्षण ले रहे थे। शुक्रवार को छात्र एक बार फिर कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम जसजीत कौर से मिले। छात्रों ने बताया कि एनसीसी के सभी कार्यक्रमों में उन्होंने नियमित भाग लिया। पूरी फीस भी जमा करते रहे इसके बावजूद उन्हें कैंप में शामिल नहीं किया गया। एनसीसी अधिकारियों का कहना है कि कॉलेजों को एनसीसी की मान्यता नहीं है।
छात्र आकाश बालियान, सागर मेघलान, आशीष कुमार, मोहम्मद दिलशाद, रजत शर्मा, अनुज कुमार, यश, रोहित, अनमोल शर्मा, राहल, प्रीत, आदित्य मलिक, निखिल, नितिन आदि ने बताया कि कैंप में शामिल नहीं करने से उनका भविष्य खराब हो रहा है। बी प्रमाणपत्र नहीं मिलने से उनकी दो माह की मेहनत बेकार हो जाएगी। चेतावनी दी कि यदि किसी छात्र के साथ कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी एनसीसी अधिकारियों की होगी।
उधर, इस प्रकरण की जांच कर रहे डीआईओएस सरदार सिंह शुक्रवार को एनसीसी कार्यालय गए। उन्होंने एनसीसी अधिकारियों से बात की। डीआईओएस ने बताया कि चारों कॉलेजों के साथ ही एनसीसी अधिकारियों से मामले में लिखित में जानकारी मांगी है। दोनों पक्षों से जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।