शामली में कुड़ाना-काबड़ौत मार्ग पर सुबह सात बजे छाई धुंध। संवाद
शामली। जिले की हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है और वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 182 रहा। उधर, पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 29 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
जिले में सुबह के समय स्मॉग की धुंध छाए रहने से लोगों को परेशानी हुई। वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस और आंखों से संबंधित समस्याएं होने का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि इस समय वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। इसमें लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने का असर सबसे अधिक बच्चों, बुजुर्गों के अलावा हृदय और सांस के रोगियों पर पड़ता है। हवा में मौजूद प्रदूषण बारीक कण सांस के जरिये फेफड़ों तक पहुंचकर खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन की समस्या कर हैं। ऐसे में लोगों को बचाव करना चाहिए।
उधर, सुबह आठ बजे धूप निकली। इसके बाद दिनभर धूप निकली रहने से अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव न होकर 16 डिग्री सेल्सियस स्थिर बना रहा। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि अगले पांच दिन तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।