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जिला एनसीआर में शामिल होगा

Sun, 24 Apr 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
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plan - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिले को एनसीआर में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है। शासन में एनसीआर की बैठक 28 अप्रैल को प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की अध्यक्षता में बुलाई गई है। 27 अप्रैल तक डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करके कार्य योजना की रिपोर्ट तलब की है। 
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जिले को एनसीआर में शामिल करने की मांग को लेकर पिछले कई सालों से मांग चली आ रही है। एनसीआर में शामिल करने की मांग को लेकर व्यापारी कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर तत्कालीन डीएम को ज्ञापन सौंप चुके हैं। तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने शासन को शामली जिले को एनसीआर में शामिल करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेजी थी। दिल्ली में आयोजित बैठक में शामली एनसीआर में शामिल होने से वंचित रहा गया था। कैराना से भाजपा के सांसद हुकुम सिंह ने अधिवक्ताओं के स्वागत समारोह में बताया कि शामली को एनसीआर में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। 

उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग का शामली को एनसीआर में शामिल करने का पत्र जिला मुख्यालय पर पहुंच गया है। शनिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम सुजीत कुमार ने नगर निकाय विकास प्राधिकारण एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों के साथ बैठक कर में अवगत कराया कि 28 अप्रैल को शामली को एनसीआर में शामिल करने के लिए लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है। 
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27 अप्रैल तक डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने पुलिस, नगर निकायों, उद्योग केंद्र, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग से शासन से आई गाइड लाइन पर आख्या मांगी है। 

एएसपी अनिल कुमार झा, एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान, शामली नगर पालिका परिषद के ईओ शैलेंद्र कुमार मिश्र, झिंझाना नगर पंचायत के ईओ मोहम्मद कासिम अंसारी, मुजफ्फरनगर- शामली विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता विवेक शर्मा, सहायक आयुक्त उद्योग जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त एनपी सिंह मौजूद रहे।

भूमि विवाद निपटाने के लिए समिति का गठन
शामली। शनिवार को डीएम ने एसडीएम और थाना प्रभारियों की बैठक में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश विवाद कृषि भूमि और आबादी की भूमि पर स्वामित्व कब्जा से संबंधित होते हैं। असरदार व्यक्तियों द्वारा भूमि पर कब्जा करने एवं भूमि स्वामियों के कब्जेदारों से झगड़े की घटनाएं प्रकाश में आती हैं।

इन विवादों का निस्तारण समय से करने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम एवं सीओ और थाना स्तर पर थाना प्रभारी एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ संबंधित विवादों का निस्तारण कराया जाएगा। एसडीएम, सीओ को भूमि विवादों के निस्तारण तहसील स्तर पर एसडीएम और सीओ के नेतृृत्व में एक समिति गठित कर करने के निर्देश दिए।
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