शामली में जमीन के विवाद को सरकारी दफ्तरों में किस तरह लटकाकर रखा जाता है, उसका ताजा उदाहरण मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे मंडलायुक्त के सामने आया। गांव सिलावर निवासी व्यक्ति के वाद पर पैमाइश कराने के लिए 2010 में आदेश हुआ, लेकिन उस पर अमल आज तक नहीं हो सका। इस प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने एसडीएम के पेशकार, कानूनगो और लेखपाल को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी तथा गहनता से जांच कराने के लिए अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया।
मंडलायुक्त दीपक कुमार अग्रवाल मंगलवार को शामली कलक्ट्रेट में चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान शामली तहसील क्षेत्र के गांव सिलावर निवासी संजय कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि गांव में एक जमीन को लेकर उनका विवाद चल रहा है तथा वाद एसडीएम न्यायालय में डाला हुआ है। उस पर 2010 में डोलबंदी और पैमाइश कराने का आदेश हुआ था और उन्होंने पैमाइश कराने का खर्च भी जमा करा दिया, लेकिन अब तक जमीन की पैमाइश नहीं हुई। इस पर मंडलायुक्त दीपक कुमार अग्रवाल ने मौके पर पत्रावली तलब की, तो वह भी दंग रह गए। क्योंकि पत्रावली में संजय कुमार के वाद पर लगातार तारीख लग रही थीं। उन्होंने एसडीएम के पेशकार राकेश कुमार से पूछा कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ और अब तक कितने रिमाइंडर भेजे, तो पेशकार संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके साथ ही कानूनगो नरेश चंद तथा लेखपाल नरेश कुमार भी कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते मंडलायुक्त ने मौके पर ही एसडीएम के स्टेनो को बुलाकर आदेश टाईप कराया और पेशकार राकेश, कानूनगो नरेशचंद तथा लेखपाल नरेश कुमार को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। अपर जिलाधिकारी को प्रकरण की जांच करने का आदेश दिया।
15 दिन में मामले का निस्तारण करने के निर्देश
शामली। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के सामने तहसील दिवस में गांव जगदीशपुर निवासी ताराचंद का प्रकरण भी आया। ताराचंद ने बताया कि जुलाई 2013 में दायर वाद के संबंध में अंतिम डिक्री हुई थी, जिसके बाद दिसंबर 2016 में कुर्रेबंदी का आदेश हुआ, लेकिन आज तक कुर्रेबंदी नहीं की गई। इस पर मंडलायुक्त ने कानूनगो सुरेशपाल और लेखपाल देवानंद को भी विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी और 15 दिन में प्रकरण का निस्तारण करने का आदेश दिया।
कमिश्नर बोल रहा हूं, समस्या का समाधान हुआ
मंडलायुक्त दीपक कुमार अग्रवाल ने तहसील दिवस के दौरान गांव डांगरोल निवासी सोहनबीर के शिकायत पत्र के निस्तारण की क्रास चेकिंग की। शिकायत पत्र से सोहनबीर के नंबर पर कॉल करके मंडलायुक्त ने कहा कि तुमने नाला खुदाई नहीं होने की शिकायत की थी, उसका निस्तारण हो गया है, क्या तुम उससे संतुष्ट हो। क्योंकि निस्तारण पर तुम्हारे भी हस्ताक्षर हैं। इस पर सोहनबीर बोला कि मैंने तो हस्ताक्षर किए ही नहीं, क्योंकि अभी नाले की खुदाई नहीं हुई। इस पर मंडलायुक्त ने एसडीएम से कहा कि समस्या का निस्तारण सही प्रकार कराया जाए।