शामली। एक सप्ताह से लगातार गन्ना वाहनों के जाम से जूझ रहे लोगों को रविवार को राहत मिली। शनिवार रात को शामली चीनी मिल के पेेराई सत्र का समापन हो गया। गन्ना वाहनों का जाम न होने से सड़कें खुली-खुली नजर आईं।
शामली शहर में चीनी मिल के पेराई सत्र का आखिरी सप्ताह लोगों के लिए परेशानी भरा रहा। लगातार गन्ना वाहनों से सड़कों पर लगे जाम से लोग दिनभर जूझते रहे थे। मिल ने एक साथ इंडेंट अधिक देने से किसान मिल पर गन्ना लेकर पहुंच गए थे। साथ ही किसानों पर दबाव था कि कहीं मिल बंद हो जाए और खेत में उनका गन्ना खड़ा न रह जाए, इसके चलते किसान भी लगातार गन्ना लेकर मिल पर पहुंचते रहे। शनिवार रात करीब 12 बजे शामली चीनी मिल पेराई सत्र का समापन कर बंद हो गई। रविवार को शहर की मिल रोड हो या एमएसके रोड सब खुली-खुली नजर आई। रविवार को साप्ताहिक बंदी होने के कारण बाजार बंद रहने से भी लोगों की आवाजाही कम ही रही। कुल मिलाकर जाम खत्म होने से लोग बड़ी राहत महसूस कर रहे हैं।
46.68 लाख क्विंटल गन्ने की अधिक हुई पेराई
शामली। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जनपद की तीनों चीनी मिलों ने अपने क्षेत्र में खड़े गन्ने का रि-सर्वे कराया और पेराई योग्य समस्त गन्ने की पर्चियां जारी कर खरीदा गया। जनपद तीनों चीनी मिल शामली, ऊन और थानाभवन द्वारा पेराई सत्र 2019-20 का समापन किया जा चुका है। शामली चीनी मिल 13 जून को, ऊन चीनी मिल ने 20 मई को और थानाभवन चीनी मिल ने 30 मई को पेराई सत्र पूरा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले पेराई सत्र के सापेेक्ष इस साल जनपद की तीनों चीनी मिलों में 46.68 लाख क्विंटल यानी 14.08 प्रतिशत अधिक गन्ने की पेराई हुई है।
चीनी मिलों में गन्ना पेराई की स्थिति (लाख क्विंटल में)
चीनी मिल- 2019-20 - 2018-19
शामली - 120.14 - 108.23
ऊन - 105.06 - 83.25
थानाभवन - 152.92 - 139.96
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कुल पेराई - 378.12 - 331.44