संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने झूठा परिवाद दायर करने पर 75 हजार रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया है।।
कस्बा कैराना के मोहल्ला अंसारियान निवासी दाऊद अली ने 13 अक्तूबर 2020 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली में परिवाद दायर कराया था कि उसकी फर्म किरयाना का सामान खरीदने व बेचने का कार्य करती है। उसने फर्म के कार्य के लिए पंजाब नेशनल बैंक शाखा कैराना के प्रबंधक से खाता खुलवाया। वह अपने खाते में रुपये जमा करता रहा। परिवादी के मुताबिक उसने अलग-अलग नाम से दो व्यक्तियों को व्यवसायिक कार्य के लिए दो चेक दिए, लेकिन शाखा प्रबंधक ने दुर्भावना के चलते अनुचित दबाव बनाया, जिसके इनकार करने पर दोनों चेक को अनादर कर दिया गया जबकि खाते में उचित धनराशि थी। आयोग ने परिवाद को स्वीकार करते हुए सुनवाई की।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने इस मामले में फैसला सुनाया कि परिवादी अपने परिवाद को सिद्ध करने में असफल रहा, जिस कारण परिवाद को निरस्त कर दिया। वादी ने अपने खाते संबंधी गलत बैलेंस शीट दाखिल कर वित्तीय अनियमितता एवं आर्थिक अपराध किया। इसके लिए वित्त मंत्रालय भारत सरकार के आर्थिक अपराध शाखा को और आयकर विभाग को उचित जांच के लिए निर्देशित किया कि वादी के संबंध में उसके बैलेंस शीट एवं आयकर विवरण की उचित जांच करके उसके विरुद्ध विधि अनुरूप कार्रवाई करें। साथ ही विपक्षी को परेशान करने और उसका उत्पीड़न करने और न्यायालय का बहुमूल्य समय नष्ट करने के लिए वादी पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। इसमें 25 हजार रुपये विपक्षी को देय होने और 50 हजार रुपये नियमानुसार राजकोष में जमा किए जाएंगे।