शामली। वही सिपाही, वही थाने और वहीं पुलिस के अधिकारी, लेकिन आज से दस दिन पूर्व तक कार्रवाई करने में झिझकने वाली शामली पुलिस अब बदल चुकी है। जिला बदर पकड़े जा रहे हैं और वाहनों की ताबड़तोड़ चेकिंग हो रही हैं। आचार संहिता लगते ही पुलिस के हाथ खुल गए हैं।
क्राइम को लेकर जिला शामली अति संवेदनशील है। कैराना, झिंझाना, कांधला और शामली शहर की पुलिस पर राजनीति के दबाव में रहकर काम करने के आरोप लगते रहे हैं। चार जनवरी को सूबे में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लग गई। इसके बाद से ही पुलिस ने अपना चोला बदल डाला।
राजनीतिक हस्तक्षेप को परे कर अब जिले की पिच पर शामली पुलिस अधीक्षक खुलकर बैटिंग करते हुए दिख रहे हैं। गत कुछ दिनों में शामली पुलिस ने करीब आठ जिला बदर को पकड़ कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस ने कई मामलों का खुलासा किया। कैराना सेंट आरसी प्रकरण में भी पुलिस ने दबाव को किनारे कर कार्रवाई की और चार आरोपियों को जेल भेज दिया। शामली जिले की शहर कोतवाली, आदर्श मंडी, कैराना सहित अन्य थानों में चेकिंग अभियान चलाया गया।
लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह पुलिस 365 दिन काम करें तो निश्चित क्राइम ग्राफ कम होगा और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। एसपी का कहना है कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। जो खुराफाती बाहर हैं, उसको जल्द से जल्द अंदर करने का प्रयास किया जा है
करीब 400 स्थानों पर कराई पुताई
शामली। रविवार को एसडीएम सदर एमपी सिंह ने दिल्ली रोड पर कांधला से ककड़ीपुर तक, सहारनपुर रोड पर एसटी तिराहे से लेकर थानाभवन तक करीब 400 स्थानों पर राजनीतिक लोगों द्वारा दीवारों पर किए गए प्रचार को हटवाया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की टीम लगाकर दीवारों पर किए गए प्रचार पर पुताई करा दी गई है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।