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जांच के लिए सहायक अध्यापक को कलक्ट्रेट बुलाया

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शामली। जिले के खिजरपुर गांव के प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक राकेश शर्मा के प्रकरण में एडीएम संतोष कुमार सिंह ने जांच करेंगे। सोमवार को कलक्ट्रेट में एडीएम ने जांच के लिए सहायक अध्यापक राकेश शर्मा बुलाया है।
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लिसाढ गांव के मजरा खिजरपुर प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक राकेश शर्मा ने 17 अक्तूबर को डीएम जसजीत कौर के समक्ष पेश होकर अवैध निलंबन का वेतन व अन्य देय के भुगतान में 30 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया था। 27 अक्तूबर को लिसाढ गांव के खिजरपुर मजरे के प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक राकेश शर्मा ने पत्रकारों के समक्ष अपना मामला रखा था। आरोप लगाया कि जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने उनका भुगतान न करके 19 सितंबर 2014 को निलंबित कर दिया। विभाग के अफसरों ने निलंबन पत्र और आरोप पत्र उपलब्ध नहीं कराया। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय गत 19 जुलाई 2019 में वाद दायर करके न्याय की मांग की। न्यायालय ने 19 सितंबर 2014 का निलंबन आदेश निरस्त करते हुए वेतन देने के बीएसए को निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद भी निलंबन अवधि का पांच साल का वेतन भुगतान नहीं किया। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश की अवमानना की कार्रवाई शुरु हुई तो 14 माह का 3.87 लाख का वेतन भुगतान किया।
लंबित भुगतान के लिए वह बीएसए राहुल मिश्रा से मिले तो उन्होंने एक लिपिक से मिलने को कहा। लिपिक ने प्रकरण के निस्तारण के लिए चार लाख रुपये की पेशकश की। आरोप है कि वित्त लेखाधिकारी ने मामले के निस्तारण के लिए 30 प्रतिशत कमीशन की पेशकश करने का खुलासा किया है। सहायक अध्यापक का कहना है कि पांच साल का 40 लाख रुपये वेतन दिलाने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने वित्त लेखाधिकारी से बातचीत का मोबाइल की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई थी। डीएम ने मामले की जांच एडीएम संतोष कुमार सिंह को सौंप दी। एडीएम ने राकेश शर्मा को नोटिस भेजकर आज पूर्वाह्न 11:00 बजे कलक्ट्रेट में अपने कार्यालय में जांच के लिए बुलाया है।
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