एक माह बाद भी चालू नहीं हुई मशीन, जांच के लिए भटक रहे मरीज
न मशीन इंस्टॉल हुई और न चलाने के लिए लैब टेक्नीशियन मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला अस्पताल में थायराइड जांच के लिए मशीन एक माह पहले उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन मरीजों को अभी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह ये है कि मशीन अभी तक न तो इंस्टॉल हुई है और न ही इसे चलाने के लिए लैब टेक्नीशियन है। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में थायराइड जांच की सुविधा न होने से मरीजों को प्राइवेट में जांच करानी पड़ रही है।
जिले में थायराइड के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा बन रही है, लेकिन जिले में अभी तक जिला अस्पताल या सीएचसी समेत किसी भी सरकारी अस्पताल में इस जांच की सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल में पिछले महीने थायराइड जांच मशीन उपलब्ध हो गई थी। इससे उम्मीद की जा रही थी कि जल्द ही मरीजों को जांच की सुविधा मिलेगी, लेकिन अभी तक मशीन न तो इंस्टॉल हुई है और न ही इसे चलाने के लिए लैब टेक्नीशियन है।
लैब टेक्नीशियन मिलने के बाद प्रशिक्षण दिया जाना है। मशीन चालू न होने से मरीजों को प्राइवेट में 400 से 800 रुपये तक शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है। इसके साथ ही समस्या ये है कि प्राइवेट में मरीजों को रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध नहीं हो पाती। अधिकतर प्राइवेट लैब जांच के लिए सैंपल बाहर भेजते हैं, जिसके बाद रिपोर्ट बाद में मिलती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि थायराइड जांच के लिए मशीन मिली है, लेकिन इसे चलाने के लिए अभी लैब टेक्नीशियन नहीं मिला है। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाला रिजेंट यानि केमिकल भी नहीं आया है। उम्मीद है अगले महीने से मरीजों की थाइराइड जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे मरीजों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी।