गुजरात एटीएस ने चार दिन पहले राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में झिंझाना निवासी आजाद शेख को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से खुफिया एजेंसियां कस्बे में डेरा डालकर जांच पड़ताल में जुटी हैं। उधर, आजाद के पिता सुलेमान ने कहा कि वे दिल्ली से आगे कभी नहीं गए, गुजरात तो दूर की बात है। उनकी इतनी हैसियत भी नहीं है कि वे गुजरात तक आने-जाने का खर्चा कर सकें।
रविवार को अहमदाबाद में एटीएस ने देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में झिंझाना के मोहल्ला शेखा मैदान निवासी आजाद शेख को गिरफ्तार किया था। आजाद की गिरफ्तारी के बाद से जांच एजेंसियां कस्बे में डेरा डालकर जांच पड़ताल में जुटी है। खुफिया एजेंसियों की निगाह झिंझाना पर टिकी हुई है। बताया गया है कि बुधवार को भी कस्बे में जांच एजेंसियां छानबीन में लगी रहीं।
उधर, आजाद के पिता सुलेमान ने कहा कि उनका या उनके परिवार का गुजरात जाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। वह आज तक दिल्ली से आगे नहीं गए। वे सीधे सादे आदमी हैं और उन्होंने आज तक दिल्ली से आगे का रास्ता नहीं देखा। गुजरात तो बहुत दूर है।
वह मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। घर की जरूरत पूरी करने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं हैं। सुबह मजदूरी पर जाते हैं और शाम को आकर बच्चों का पेट भरते हैं। वे पढ़े लिखे गुजरात में जाकर किससे मिलेंगे, क्या कहेंगे उनकी कुछ समझ नहीं आता। उनका कहना है कि उन्हें सरकार और कानून पर पूरा भरोसा है। अगर वह दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, और अगर निर्दोष है तो उसे बरी कर देना चाहिए।
एटीएस के आने की चलती रही चर्चा
कस्बा झिंझाना में आजाद की अहमदाबाद में गिरफ्तारी के मामले में बुधवार को दिनभर एटीएस के आने की चर्चा चलती रही, एटीएस या बाहर से कोई जांच एजेंसी नहीं पहुंची। एटीएस के आने की कोई पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
व्हाट्सएप पर एक दूसरे के संपर्क में थे आजाद और अन्य
एटीएस के डीएसपी हर्ष कुमार ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि झिंझाना का आजाद और उसके साथी सुहेल तथा अहमद और वांछित आरोपी अबू खदीजा से टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े हुए थे। वे एक-दूसरे से टेलीग्राम पर बातचीत करते थे। एटीएस ने कई चैट्स बरामद की हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
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