शामली। शहर में बरसात से पहले नालों की सफाई का काम शायद ही पूरा हो सके। इसकी वजह ये है कि 18 छोटे-बड़े नालों में नौ के ही टेंडर हो पाए हैं। मुख्य नाले के भी चार में दो टेंडर हुए हैं। नालों की सफाई का काम धीमी गति से चलने के कारण बरसात से पहले मई के महीने में पूरा नहीं हो पाया।
शहर में मुख्य नाले समेत शहर के छोटे बड़े 18 लिंक नाले हैं। इन नालों की सफाई के लिए तीन बार टेंडर निकाले जाने के बाद नौ नालों के ही टेंडर स्वीकृत हो सके। बाकी नौ नालों के लिए किसी ठेकेदार ने टेंडर ही नहीं डाला। शहर के बीच से मुख्य नाले की सफाई का कार्य चार हिस्सों में कराने का निर्णय लिया गया था। ताकि बरसात से पहले काम पूरा हो जाए, लेकिन इसमें भी हिस्से के ही टेंडर हो सके।
जिन नालों के टेंडर हुए हैं, वहां भी काम धीमी गति से चल रहा है। बताया कि नालों की सफाई का काम मई माह में पूरा होना था, लेकिन टेंडर न होने के कारण यह काम पूरा नहीं हो सका। बरसात का मौसम सिर पर है, ऐसी स्थिति में लोगों को बरसात में जलभराव का सामना करना पड़ सकता है।
पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि 18 नालों में नौ नालों के टेंडर हुए हैं। बाकी टेंडर न होने के कारण अलग से 10 लोग लगाकर मुख्य नाले की सफाई का काम चल रहा है। बुधवार से 10 लोग और बढ़ाए जा रहे है, ताकि नाले की सफाई का काम जल्द पूरा हो सके। दयानंद नगर से आगे कच्चा नाले की सफाई का काम किराए की पॉकलेन मशीन से कराया जाएगा। उम्मीद है कि 15 जून तक नालों की सफाई का काम पूरा हो जाएगा।
कोट
शहर के नालों की सफाई का काम चल रहा है। जिन नालों के टेंडर नहीं हुए हैं, वहां पर मैन्युअल तरीके से श्रमिक लगाकर सफाई का काम कराया जा रहा है। जल्द ही नालों की सफाई का काम पूरा हो जाएगा। - सुरेंद्र सिंह अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।