शामली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल होने के दस वर्ष बाद भी शामली जिला विकास योजनाओं के लिए बजट का इंतजार कर रहा है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से धनराशि जारी नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये की प्रस्तावित विकास योजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।
शामली को वर्ष 2015 में एनसीआर में शामिल किया गया था। वर्ष 2024 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण से करीब एक हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का प्रस्ताव मांगा था।
तत्कालीन जिलाधिकारी रविंद्र सिंह की अध्यक्षता में 23 सितंबर 2024 को हुई बैठक में विभिन्न विभागों से विकास योजनाएं मांगी गई थीं।
इनमें नवीन कलेक्ट्रेट में ऑडिटोरियम व पार्किंग, विद्युत विभाग के नए सब स्टेशन, स्वास्थ्य विभाग का ट्रॉमा सेंटर, लोक निर्माण विभाग की परियोजनाएं समेत कई योजनाएं शामिल थीं। इन प्रस्तावों का एस्टीमेट तैयार कर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के माध्यम से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड, दिल्ली भेजा गया, लेकिन अब तक कोई बजट स्वीकृत नहीं हुआ।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता विपिन कुमार गुप्ता ने बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से अभी तक कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। शामली के नवीन कलक्ट्रेट परिसर में विकसित मनोरंजन पार्क का निर्माण प्राधिकरण ने अवस्थापना निधि से कराया था।