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UP: ISI एजेंट के मुंह से निकला ऐसा सच, चौंक गए STF के अफसर, तहसीम ने बताए पाकिस्तान से जुड़े खौफनाक राज

Fri, 12 Jan 2024 01:21 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli News : एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए आईएसआई एजेंट तहसीम ने अपने मुंह से ऐसे राज खोले हैं, जिन्हें सुनकर बड़े अधिकारी भी चौंक गए। जानिए आखिर पाकिस्तान के लाहौर और कोटो में कैसे आईएसआई एजेंट तैयार किए जा रहे हैं।
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आईएसआई एजेंट तहसीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईएसआई एजेंट तहसीम के शामली से गिरफ्तार होने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान के लाहौर, कोटा में पान, कत्ना, ड्राई फ्रूट्स और कपड़ों की दुकानों को आईएसआई एजेंट चला रहे हैं। दुकानों की आड में ही भारत के लोगों को यही बहकावे में लेकर आईएसआई एजेंट बनाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मूटीवेट करते हैं। यही नहीं दुकान चलाने वाले ये एजेंट ही भारत के लोगों की मुलाकात कैराना के पाकिस्तान में जाकर बसे आईएसआई एजेंट सरगना बने दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना और हमीदा से कराते हैं। 

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पाकिस्तान पुलिस या फिर सरकार के सहयोग नहीं करने के कारण भारत की एसटीएफ या फिर पुलिस आईएसआई एजेंट के इस तिलिस्म को तोड़ने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। हालांकि, भारत में रहने वाले आईएसआई एजेंटों को जरूर गिरफ्तार किया जा रहा है।

आईएसआई एजेंट शामली के नौ कुआं रोड मोहल्ले के रहने वाले तहसीम उर्फ मोटा ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि पाकिस्तान में दुकानों पर भी आईएसआई एजेंट बैठे हुए हैं, जो भारत के वहां पर जाने वाले लोगों को मूटीवेट कर सरगना इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा से मिलाते हैं।

पूछताछ में बताया कि एजेंट भारत में सामाजिक सौहार्द को विखंडित करने, भारत देश की एकता को बिगाड़ने और नकली नोटों की सप्लाई कराने के लिए झांसे में लेते हैं। एक दो दिन की मुलाकात के बाद ही दुकानों पर बैठे लोग आईएसआई एजेटों से मिलाने के लिए तैयार हो जाते हैं। प्रत्येक गतिविधियों की सूचना मोबाइल के माध्यम से एजेंटों को दी जाती है। मूटीवेट करने के लिए एजेंट दो से लेकर तीन दिन तक लगातार बात करते हैं। सपना दिखाया जाता है कि यदि वह उनके साथ जुड़ा रहा तो चंद दिनों में मालमाल कर दिया जाएगा।

कोर्ड वर्ड में होती है बात
तहसीम ने बताया कि पाकिस्तान के लाहौर और अन्य शहरों में बैठे आईएसआई एजेंट और अन्य एक दूसरे से कोड वर्ड में बात करते हैं। उस्ताद, भाईजान कहकर पुकारा जाता है। इन शब्दों से बात करने वाला समझ जाता है कि जिससे बात कराई जाएगी, वह नया है, उसे पूरी तरह से ट्रेंड किया जाना है।

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पान की दुकानों पर सबसे अधिक एजेंट
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पान की दुकानों पर आईएसआई के स बसे अधिक एजेंट बैठे हैं जिन्हे किसी भी तरह की दिक्कत होने पर आईएसआई एजेंट पूरा सहयोग करते हैं। उ न्हें समय-समय पर रुपये भी दिए जाते हैं।

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