शामली में भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि कैराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के हर कस्बों में यही हालात पैदा किए जा रहे हैं। सुनियोजित ढंग से साजिश के तहत व्यापारियों को टारगेट बनाया जा रहा है। इससे देश में तीसरे बंटवारे जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। व्यापारी अब चुप नहीं बैठेगा, बल्कि संगठित होकर आंदोलन करेगा और अपराधियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
बृहस्पतिवार को शामली में हनुमान टीला अग्रसेन भवन में व्यापारियों की मीटिंग में सांसद हुुकुम सिंह ने कहा कि कैराना पलायन प्रकरण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी जांच रिपोर्ट में उन तथ्यों की पुष्टि की है, जो हमने पलायन प्रकरण की सूची जारी करने पर कहे थे।
सांसद का कहना है कि अब व्यापारियों के हक की लड़ाई एकजुटता से लड़ी जाएगी। जिले के सभी कस्बों में जाकर व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे और उन्हें संगठित करके आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा के पांच सांसद कस्बों में जाकर व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे और उन कस्बों के हालातों को ठीक करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मीटिंग में सिर्फ हिंदू व्यापारियों का ही पहुंचना दुख का विषय है।
इससे जाहिर है कि देश में तीसरे बंटवारे के हालात जानबूझकर पैदा किए जा रहे हैं। पूर्व में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बंटवारे का दंश लोग झेल चुके हैं।
इनसे पूर्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि व्यापारी अब चुप नहीं बैठेगा। असहाय होकर पलायन नहीं करेगा, बल्कि डटकर मुकाबला करेगा, फिर चाहे गोली भी क्यों ना खानी पड़े।
व्यापारी नेता मोहित जैन ने कहा कि व्यापारियों के हित में हर तरह से आंदोलन चलाने को सभी व्यापारी एकजुट हैं। आईआईए के चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कभी कैराना में 60 प्रतिशत हिन्दू और 40 प्रतिशत मुसलिम आबादी थी, पर अब 92 प्रतिशत मुसलिम और 8 प्रतिशत हिन्दू रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुसलिम की हत्या होती है तो सपा सरकार 70 लाख रुपये मुआवजा देती है और हिन्दू व्यापारी की हत्या होने पर खोखले वादे किए जाते हैं। इस दौरान चंद्रवीर सिंह, रमेशचंद विश्वकर्मा, अंकित गोयल, अजय बंसल, डाक्टर मनोज शर्मा, चेयरमैन अरविंद संगल, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार, मोहित जैन, डाक्टर विपिन कौशिक, हरवीर सिंह, कंवरबीर कांबोज, रघुवीर सिंह आर्य, रामजीलाल कश्यप, डाक्टर प्रताप चौधरी, घनश्याम पारचा, मनोज मित्तल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। मीटिंग का संचालन सूर्यवीर सिंह ने किया।