कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्य । संवाद
शामली। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश संबद्ध अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर टीईटी अनिवार्यता से आहत शिक्षक-शिक्षिकाएं कलक्ट्रेट में जमकर गरजे। संगठन के पदाधिकारियों ने एसडीएम अर्चना को प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान को संबोधित ज्ञापन सौंपकर राहत दिलाने की मांग की।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीव मलिक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 142 (सुप्रीम कोर्ट का विशेष अधिकार) का प्रयोग करते हुए (एक्ट आरटीई 2009) से सेवारत पूर्व के शिक्षकों पर भी लागू कर दिया है, जो अमानवीय है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले आहत होकर दो अध्यापकों ने आत्महत्या कर ली है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नारेबाजी करते हुए शिक्षामंत्री और प्रधानमंत्री से अध्यादेश 2017 में संशोधन करके 2011 से पहले सभी शिक्षकों को टीईटी मुक्त करने की अपील की। ज्ञापन देने में संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा घटक में शामिल जूनियर संघ के जिला अध्यक्ष योगेश राठी, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार, विनय चौहान, पीयूष कुच्छल, नवनीत, हारून चौहान, संदीप, महावीर सिंह, खलील अहमद, सुधीर , रश्मि रानी, सुनील, हरविंदर, प्रवेंद्र रहे।