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टीचर मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लगे, शिक्षण कार्य ठप  

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file - फोटो : amarujala
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प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों की कमी के चलते पहले से ही छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब रही सही कसर मतदाता पुनरीक्षण कार्य में अध्यापकों की ड्यूटी लगने से पूरी हो गई है। टीचरों की ड्यूटी लगने के कारण शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शनिवार को कस्बे के कई सरकारी स्कूलों पर ताले लटके हुए नजर आए। 
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   भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष संक्षिप्त मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा था, जिसके तहत नए वोट बनाने, त्रुटियों के शुद्धिकरण आदि कार्य किया गया। एक जनवरी को नई मतदाता नामावली का प्रकाशन भी हो चुका है, लेकिन पुनरीक्षण अभियान में वंचित रहने वालों को एक और मौका देते हुए अंतिम तिथि 10 मार्च बढ़ा दी गई थी। इसके तहत शनिवार को पोलिंग बूथों पर सुपरवाइजरों की देखरेख में बीएलओ ने नई मतदाता नामावली को पढ़कर सुनाया, जिसके उपरांत छूटे आवेदन कर्ताओं ने अपने मत का पंजीकरण कराने हेतु आवेदन जमा कराए गए। पुनरीक्षण के तहत हुए बूथवार हुए इस कार्य के दौरान कई सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय शास्त्री, प्राथमिक विद्यालय दरबारकलां, प्राथमिक विद्यालय अंसारियान, प्राथमिक विद्यालय जदीद, प्राथमिक विद्यालय कन्या-1, 4 और प्राथमिक विद्यालय कृष्णा के पर ताले लटके रहे। जिस पर छात्र-छात्राओं को लौटना पड़ा। इसका मुख्य कारण अध्यापकों की पुनरीक्षण कार्य में ड्यूटी लगा होना बताया गया है। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी राजलक्ष्मी पांडेय ने बताया कि सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। संभवत: अगले वर्ष तक अध्यापकों की तैनाती हो जाएगी।  अध्यापकों की कमी को देखते हुए चुनाव कार्य में उनकी ड्यूटी नहीं लगाने की कोशिश होगी ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित होना, चिंता का विषय है।
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