शामली। जीएसटी पोर्टल में आने वाली समस्याओं का निस्तारण न होने पर जिला टैक्स बार एसोसिएशन के आह्वान पर टैक्स अधिवक्ताओं ने अपने कार्यों से विरत रहकर हड़ताल रखी। जीएसटी की कार्यप्रणाली का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर सौंपा है।
बुधवार को जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार एडवोकेट महामंत्री विकास कुमार शर्मा एडवोकेट के आह्वान पर जीएसटी पोर्टल में आने वाली समस्याओं का निस्तारण न होने पर टैक्स अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय हड़ताल रखी। वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर जीएसटी पोर्टल में आने वाली समस्याओं का निस्तारण किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में अवगत कराया कि अगस्त माह की लेट फीस जीएसटी काउंसिल की बैठक में छह अक्तूबर को माफ किए जाने की घोषणा के बाद भी सितंबर का फार्म बी दाखिल करने पर विलंब शुल्क पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहा है। विलंब शुल्क जमा किए बिना फार्म बी दाखिल नहीं हो रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि जीएसटी पोर्टल की न्यूनतम क्षमता के कारण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो रहा है।
छह अक्तूबर की काउंसिल बैठक में समाधान राशि 75 लाख से एक करोड़ कर दी गई, किंतु पोर्टल में 75 लाख से एक करोड़ के मध्य टर्नओवर वाले व्यापारियों को समाधान स्वीकार करने का कोई भी विकल्प उपलब्ध नहीं है। जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने जीएसटी में उत्पन्न विसंगतियों को त्वरित समाधान करने की मांग की है। साथ ही जीएसटी से संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इस दौरान अनिल कुमार मित्तल, विकास शर्मा, नीरज उपाध्याय, मनव्वर हसन, राजकुमार गोयल, सुरेंद्र सैनी, मनीष कुमार, सलिन सैनी शामिल रहे।