शामली। गैस के प्रभाव से बीमार हुए बच्चों के मामले में जांच करने के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीम फिर से शामली पहुंच गई है। इस बार टीम तीन दिन तक शामली में रहकर हर पहलू पर जांच करेगी कि सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के बच्चे किस वजह से बीमार हुए थे।
10 अक्तूबर को शहर के बुढ़ाना रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 छात्र छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी।
विद्यालय प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह ने शामली कोतवाली में सर शादीलाल शुगर मिल के मालिक रजतलाल और प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया था कि शुगर मिल के बायोगैस प्लांट से केमिकल निस्तारण में लापरवाही और गैस रिसाव की आशंका जताई थी। इस प्रकरण से लखनऊ और दिल्ली तक गूंज पहुंच गई थी।
इसके चलते डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस एंड नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीम के अलावा प्रदूषण नियंत्रण विभाग और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने भी जांच की थी।
वहीं, बुधवार को नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डॉक्टर अशोक तालियान और डॉ. एसएस कादरी अपनी टीम के साथ शामली पहुंचे। यहां उन्होंने सीएमओ राजकुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सफल कुमार सहित अन्य चिकित्सकों के साथ मीटिंग की। मालूम चला है कि यह टीम अगले तीन दिन तक फिर से मामले की जांच करेगी। सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के छात्र छात्राओं से पूछताछ करने के साथ ही स्कूल और बायोगैस प्लांट के बीच कालोनी में रहने वाले लोगों से भी छानबीन की जाएगी।