शामली। लर्निंग लाइसेंस ही नहीं, वाहनों की फिटनेस, गाड़ी नाम कराने और चालान के रुपये कम कराने का भी दावा दलाल वाहन चालकों से करते हैं। आरटीओ कार्यालय से काम कराने के लिए उनकी रेट लिस्ट है। फिटनेस कराने के लिए 3500 रुपये और नाम गाड़ी कराने के तीन हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। दलाल अपने सुविधा शुल्क में घर बैठे तीन से चार दिन में काम पूरा कराने का दावा करते हैं। एआरटीओ कार्यालय में दलालों के प्रवेश पर कोई रोक नहीं है। संवाद
दलाल-1 3500 रुपये में करा देंगे फिटनेस
संवाददाता : भाई गाड़ी की फिटनेस करा दोंगे।
दलाल : हो जाएगी, कहां से आए हो ?
संवाददाता : शामली से ही हूं, पिकअप गाड़ी की फिटनेस रिन्यू करानी है।
दलाल : पहले कहां से कराया था
संवाददाता : शामली से ही
दलाल : ठीक है, कब की डेट मिली है, कागज लाकर दिखा दो
संवाददाता : डेट अभी नहीं मिली है। दोस्त की गाड़ी है, उसने खर्च पूछने के लिए भेजा है
दलाल : तुम अपने ही क्षेत्र के हो, इसलिए 3500 रुपये दे देना, वैसे 4 हजार रुपये लगते हैं
संवाददाता : लेकिन ऑनलाइन फीस तो 650 रुपये है
दलाल : भाई हमारा यही रेट है, चाहे किसी से भी पूछ लो
संवाददाता : कितने दिन में काम हो जाएगा
दलाल - चार से पांच दिन के अंदर काम करा दिया जाएगा, टेंशन मत लो
दलाल -2
संवाददाता : भाई एक गाड़ी को अपने नाम कराना है।
दलाल : हो जाएगा
संवाददाता : कितना खर्च लगेगा भाई
दलाल : तीन हजार रुपये में करा देंगे, वैसे 3500 रुपये रेट चल रहा है
संवाददाता: भाई बहुत ज्यादा मांग रहे हो, ऑनलाइन फीस तो बहुत कम है
दलाल : आपकी मर्जी है भाई
संवाददाता : ओके कल आता हूं ।
दलाल-3
संवाददाता : भाई गाड़ी का चालान हो गया है, कम करा दोगे क्या?
दलाल : ओवरलोड का तो नहीं है
संवाददाता : टैक्स टूटा हुआ है।
दलाल- हो जाएगा, पांच हजार रुपये कम करा दूंगा, यदि 40 हजार का चालान है तो
संवाददाता : कैसे करा देतो हो तुम लोग ये काम इतनी आसानी से
दलाल : एआरटीओ कार्यालय के अंदर सेटिंग होती है, उनके बिना कोई फाइल तैयार नहीं होती
संवाददाता : क्या मुझसे भी अंदर के बाबू बात कर सकते हैं
दलाल : बिना जान पहचान के बात नहीं करते
संवाददाता : आरसी खोने और फिटनेस का भी काम करा दोगे
दलाल : यहां हर काम संभव है, टेंशन मत ले, रुपये दे और हर काम तुरंत करा लें
संवाददाता : ओके, कराता हूं।
अमर उजाला इम्पैक्ट
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही दलालों में मची खलबली, दुकानें बंद कर भागे
अमर उजाला ने दलालोंं के एआरटीओ कार्यालय के अंदर और बाहर चल रहे खेल की 27 अक्तूबर के अंक में 1000 रुपये दो, तीन दिन में लाइसेंस लो नामक शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। इससे शुक्रवार को दलालों में खलबली मच गई। एआरटीओ कार्यालय के बाहर डेरा जमाने वाले दलाल सामान समेटकर मौके से फरार हो गए। विभागीय अधिकारियों ने भी छापामारी की मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी। दूसरे दिन टीम पहुंची तो कई दलालों ने खबर प्रकाशित नहीं करने की गुहार भी लगाई।
आखिर दलालों पर शिकंजा क्यों नहीं कस रहा परिवहन विभाग
एआरटीओ कार्यालय के बाहर ही लिखा गया है कि दलालों के बहकावे में नहीं आए। इसका बोर्ड भी यहां पर लगाया गया है। मगर आए दिन यहां पर दलालों को देखा जा सकता है। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।
किसी भी वाहन चालक या फिर लोगों को फिटनेस या फिर गाड़ी नाम कराने, लाइसेंस आदि के लिए दलालों के चंगुल में नहीं फंसना है। एआरटीओ कार्यालय के अंदर जाकर कार्य कराया जा सकता है। यदि कोई रुपये मांगता है तो शिकायत करें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दलालों से मिलीभगत करने वाले कर्मचारियों की भी जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-रविंद्र सिंह, डीएम शामली