शामली। हेपेटाइटिस सी की दवा के लिए डेढ़ महीने से मरीज जिला अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन दवा न मिलने से उनकी जिंदगी खतरे में पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर 500 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन दवा नहीं मिल रही है जिस कारण मरीज परेशान है।
जिले में 600 से अधिक हेपेटाइटिस बी व सी के मरीज है। पिछले महीने 15 सितंबर को जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस सी की दवा खत्म हो गई थी। जिला अस्पताल की तरफ से शासन को मांग पत्र भेजा गया, लेकिन दवा नहीं मिली बल्कि यह निर्देश दिया गया कि पहले मरीजों का विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण किया जाए। जितने मरीजों का पंजीकरण होगा, उसी के अनुसार दवा भेजी जाएगी। इसके बाद एक अक्तूबर से जिला अस्पताल में पोर्टल का डाटा फीड कर पंजीकरण का कार्य शुरू किया गया। पंजीकरण कराने के लिए मरीजों की लाइन लग रही है, लेकिन दवा फिर भी नहीं मिल पाई।
पोर्टल पर 500 से अधिक मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। पंजीकरण होने के बाद भी दवा न मिलने से मरीजों की जान खतरे में पड़ी है, लेकिन उन्हें दवा कब मिलेगी यह कोई नहीं बता पा रहा है। पंजीकरण करने वाले लैब टैक्नीशियन विशाल कुमार ने बताया कि पोर्टल पर 500 से अधिक मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। इस संबंध में जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा ने बताया हेपेटाइटिस सी की दवा शासन से अभी नहीं आई है। स्वास्थ्य निदेशालय लखनऊ से लगातार दवा मंगाने के लिए संपर्क किया जा रहा है। दवा उपलब्ध होते ही मरीजों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
बोले मरीज
- गांव केरटू निवासी वसीम ने बताया कि हेपेटाइटिस की दवा नहीं मिल रही है। दवा तो दूर की बात हो गई, अब जांच भी समय पर नहीं हो रही है। इससे वह बहुत परेशान है।
- शामली निवासी मुकेश ने बताया कि उसकी दवा खत्म हो चुकी है। वह एक माह से दवा खत्म हो गई। वह अस्पताल में कई बार आ चुका है, लेकिन अभी दवा नहीं मिल पाई।
- कैराना निवासी अहसान ने बताया वह हेपेटाइटिस की जांच कराने आया है। जांच होने के बाद उसका पंजीकरण होगा, इसके बाद दवा कब मिलेगी, यह कोई नहीं बता पा रहा है।
-झिंझाना निवासी उस्मान ने बताया कि वह हेपेटाइटिस की जांच के लिए आया है। इसके बाद पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है। दवा कब मिलेगी, इसका पता नहीं।