शामली। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत रविवार को ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपने दमखम का प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि ताइक्वांडो आत्मरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। शहर के टंकी रोड स्थित मैरिज होम में जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन से संबद्ध आरवी फाइट क्लब के सौजन्य से आयोजित ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामली के अलावा सहारनपुर और बागपत जनपदों के स्कूली और विभिन्न क्लबों से जुड़ी महिला खिलाड़ियों से भाग लिया।
सब जूनियर और जूनियर दो वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी शानदार कला का प्रदर्शन किया। कुछ ने तो इतने शानदार पंच मारे की विपक्षी मिनटों में ही पराजित हो गई। शाम तक चली इस प्रतियोगिता में शामली के खिलाड़ी अधिकांश फाइट जीतकर पहले स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर बागपत जनपद और तीसरे पर सहारनपुर जिला रहा। सब जूनियर वैष्णवी अदिति, ख्याति, सीनियर वर्ग में प्राची, नेहा ,तनु तोमर, तनु पाल, प्रिया, खुशी ने स्वर्ण जीता। इसके अलावा बालक वर्ग में ओम, अंश, सौरभ, टिंकू, शुभम, वैभव , सिद्धार्थ आदि ने भी स्वर्ण जीता। रॉक गोल्ड एकेडमी के चेयरमैन सुनील गोयल ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि जूडो कराटे आत्मरक्षा का सबसे बेहतर माध्यम है। इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ किडजी स्कूल के संचालक अजय शर्मा ने किया। इस मौके पर अमित विश्वकर्मा, रवि और यक्ष विश्वकर्मा शामिल रहे।
इन खिलाड़ियों ने लिया भाग
ताइक्वांडो प्रतियोगिता में तनु और प्रिया आरवीएफसी शामली, मेहंदी बागपत, अपूर्वा रामपुर, निशा बीएसएम स्कूल शामली, दीपिका बागपत, वैष्णवी रामपुर, इस्तिका मेरठ, अदरिका गंगोह, ईशी एसआइएस शामली, ख्याति गंगोह, दीपांशी बागपत, वैष्णवी गंगोह, आइति बागपत, प्राची आर्मी फाइटर क्लब शामली, शिवानी स्कॉटिश स्कूल, प्रियांशी कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल गंगोह आदि ने प्रमुख रूप से भाग लिया।
ताइक्वांडो अच्छा खेल है। यह खेल लड़कियों की आत्म सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूूर्ण है। इसे हर लड़की को सीखना चाहिए, ताकि वह विषम परिस्थितियों में अपनी रक्षा खुद कर सके।
- प्रियांशी सैनी, प्रतियोगिता रेफरी।
लड़कियों के लिए सबसे अच्छा एवं सुरक्षित खेल ताइक्वांडो है। इससे लड़कियां शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह ही मजबूत होती है। इस खेल से लड़कियों के अंदर आत्म विश्वास पैदा होता है और किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा करने में सक्षम होती है।
प्राची भारद्वाज, इंटरनेशनल ताइक्वांडो खिलाड़ी।
ताइक्वांडो के माध्यम से हम अपने आप की सुरक्षा कर सकते हैं। यह ऐसा गेम है, जिससे हमें पहचान भी मिलती है और सुरक्षा भी मिलती है। वह इस गेम से बहुत प्रभावित है।
शिवानी गोयल, छात्रा।
ताइक्वांडो के माध्यम से हम आत्मरक्षा कर सकते है। वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में लड़कियों के लिए यह खेल सीखना आवश्यक है। इसके माध्यम से हम हर परिस्थिति में मुकाबला कर अपने आप को सुरक्षित बचा सकते हैं।
तनु तोमर, छात्रा।
ताइक्वांडो ओलंपिक गेम है। आत्मरक्षा के लिए यह बेस्ट कला है। वर्ल्ड के खेलों में ताइक्वांडो टॉप सात पर है और मार्शल आर्ट में पहले नंबर है। कोरिया का यह नेशनल गेम है। इसकी सबसे खास बात ये है कि इसे सीखकर लड़का या लड़की दोनों आत्म रक्षा करने में समक्ष होते है। लड़कियों के लिए तो यह अच्छा होने के साथ साथ जरूरी भी है। इससे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से मजबूती मिलती है। ताइक्वांडो से किसी भी स्थिति में निपटा जा सकता है।
रवि विश्वकर्मा, सचिव जिला ताइक्वांडो संघ शामली।