शामली। आदर्श मंडी थाने के पुलिसकर्मियों पर आरपीएफ के निलंबित जवान को स्मैक बिक्री के आरोप में थाने ले जाकर दो लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। सिपाही के पिता ने डीएम-एसपी को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि उसके बेटे को जबरन उठाकर ले जाने के बाद छोड़ने के नाम पर पुलिस ने दो लाख रुपये की वसूली की है। विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह इस मामले की जांच का निर्देश दिया है।
बनत क्षेत्र के पटेल नगर निवासी किसान कंवरपाल ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसका बेटा दीपक आरपीएफ में लखनऊ में तैनात है। किसी मामले में निलंबित होने के कारण फिलहाल लह घर आया हुआ था। आरोप है कि दीपक बीती 23 अप्रैल को शामली में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहा था। इस दौरान तहसील के पास आदर्श मंडी थाने के पुलिसकर्मी उसे पकड़कर ले गए। थाने में उसकी गाड़ी व मोबाइल फोन को खंगाला।
दीपक कोे पूरे दिन थाने में बैठाए रखा गया। रात को थाने के पीछे से बाहर ले जाकर कुछ पुलिस अधिकारियों के सामने एक पैकेट देने और एक व्यक्ति का नाम लेने का दबाव बनाया गया। मना करने पर उसके साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि इसके बाद युवक को थाने में बंद कर दिया गया और परिवार को इसकी सूचना भी नहीं दी गई। जब परिजन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि दीपक पहले से ही थाने में है। पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने दीपक को छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की मांग और रुपये न देने पर जेल भेजने की धमकी दी। 24 अप्रैल को दो लाख रुपये का इंतजाम कर पुलिस को दिए गए। इसके बाद रात करीब 10 बजे उसको छोड़ा गया।
कोट
स्मैक बेचने की सूचना पर युवक को पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। उसे छोड़ने की एवज में रुपये वसूले जाने का आरोप निराधार है। ज्ञानेंद्र सिंह,आदर्श मंडी थाना प्रभारी।
-
मामला गंभीर है। आदर्श मंडी थाना पुलिस की भूमिका की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी।