शामली। गन्ना मूल्य में वृद्धि कर 450 रुपये प्रति क्विंटल करने समेत कई मांगों को लेकर भाकियू ने शामली सहित झिंझाना और कांधला में चक्का जाम किया। कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता तो 21 दिसंबर को कलक्ट्रेट जिला मुख्यालयों पर हल क्रांति आंदोलन चलाया जाएगा।
भाकियू के पूर्व घोषित चक्का जाम के तहत बुधवार को सुबह 11 बजे शामली में गुरुद्वारा तिराहे पर भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता इकट्ठे हुए। गांवों से ट्रैक्टर-ट्राली में आए किसानों ने तिराहे पर आड़े तिरछे कर जाम लगा दिया। वाहनों के बीच सड़क में खड़े करने पर दुपहिया वाहनों का भी रास्ता रोक दिया गया, जिससे वहां से जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर किसान विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि तीन सत्र से गन्ना मूल्य में राज्य सरकार द्वारा कोई वृद्धि नहीं की गई जबकि गन्ने पर आने वाली लागत में काफी वृद्धि हुई है। किसानों की सिंचाई में प्रयोग होने वाली बिजली दो गुनी महंगी, खाद, डीजल, कीटनाशक आदि में लगभग 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके चलते गन्ना किसानों को लगातार नुकसान हो रहा है। गन्ना किसानों की उत्पादन लागत 300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। सरकार को अपने वादे के मुताबिक गन्ना किसानों को स्वामीनाथन कमेटी के अनुुसार लागत में 50 प्रतिशत जोड़कर गन्ना मूल्य की घोषणा करनी चाहिए।
दोपहर एक बजे एसडीएम सदर संदीप कुमार और सीओ सिटी जितेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें चार सूत्री मांगों को लेकर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी गई कि अगर उनकी मांगों पर सरकार ने विचार नहीं किया तो 21 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर हल क्रांति आंदोलन शुरू कर गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए संघर्ष किया जाएगा। मौके पर योगेंद्र सिंह, संजीव राठी, अक्षय बधेव, सत्तार राणा, दीपक शर्मा, गुड्डू बनत, मुनव्वर चौधरी, नदीम अहमद, ओमपाल सैनी, अनीस मंसूरी आदि रहे।
पुलिस बल रहा तैनात
शामली में चक्का जाम के दौरान एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम सदर और सीओ कैराना भी वहीं पास में कैंप किए रहे। आदर्श मंडी एसओ कर्मवीर सिंह थाने के कई दरोगा और पुलिसकर्मी के अलावा यातायात प्रभारी भंवर सिंह ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था को संभाला और वहां पहुंचने वाले वाहनों को डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से निकाला।
खाली एंबुलेंस रोकी, स्कूली वाहन निकाले
शामली मेें चक्का जाम के दौरान दोपहर में पहुंची एंबुलेंस को कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने एंबुलेंस में मरीज न होने पर उसे जाने नहीं दिया। पुलिस के समझाने पर चालक एंबुलेंस को मोड़कर वापस ले गया। दोपहर में करीब साढ़े 12 बजे छुट्टी के बाद पहुंचे स्कूल के वाहनों को कार्यकर्ताओं ने रास्ता देकर निकाला।
बेसहारा पशु और पत्ती का उठा मुद्दा
चक्का जाम के दौरान किसानों ने आवारा गोवंशों से फसलों को हो रहे नुकसान और गन्ने की सूखी पत्ती जलाने पर प्रतिबंध लगाने का मुद्दा उठाते हुए रोष व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि आवारा पशु फसलों को चौपट कर रहे है। गन्ने की सूखी पत्ती पहले से ही जलाई जा रही है। अब इस पर रोक लगने से किसानों के सामने समस्या बन गई कि वह पत्ती को कहां ले जाए और उसका क्या करें। सरकार को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए या पत्ती पर लगाई रोक हटानी चाहिए।
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भाकियू ने ये रखी मांगे
- वर्तमान पेराई सत्र हेतु गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल अविलंब घोषित किया जाए।
- प्रदेश में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज सहित अविलंब कराया जाए।
- कलेंडर में दर्शाई गई गलत पर्चियां संशोधित की जाए।
- पूर्व की भांति 15 क्विंटल हाड़े को ही आधार मानकर पर्ची तय की जाए।
शामली गुरूद्वारा तिराहे पर प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : SHAMLI
शामली गुरूद्वारा तिराहे पर धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : SHAMLI
ामली गुरूद्वारा तिराहे पर किसानो के धरने पर बोलते भाकियू प्रवक्ता कुल्दीप पंवार- फोटो : SHAMLI
शामली गुरूद्वारा तिराहे पर एसडीएम को ज्ञापन देते भाकियू कार्यकर्ता- फोटो : SHAMLI
शामली गुरूद्वारा तिराहे पर भाकियू के चक्का जाम के दौरान पैदल जाते यात्री- फोटो : SHAMLI