शामली। जिले की चीनी मिलों ने नए गन्ना पेराई सत्र 2025-26 की तैयारियां तेज कर दी हैं। मिलों में मशीनों की मरम्मत और तकनीकी बदलाव का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
शामली चीनी मिल में ब्रेकडाउन रोकने के लिए पुरानी टरबाइनों को हटाकर अब सात मेगावाट और ढाई मेगावाट की दो टरबाइन के सहारे पेराई सत्र चलाया जाएगा। इसके साथ ही पावर बढ़ाने के लिए तीन नई मोटर भी लगाई जाएंगी।
शामली मिल के यूनिट हेड संजय कुमार शर्मा ने बताया कि मिल की करीब 35 प्रतिशत मरम्मत पूरी हो चुकी है। अब तीन पुरानी टरबाइन हटाकर एक सात मेगावाट और दूसरी ढाई मेगावाट की टरबाइन लगाई जा रही है। ब्रेकडाउन की समस्या कम करने के लिए तीन टरबाइनों की जगह मोटरें लगाई जाएंगी।
ऊन चीनी मिल के महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि मिल की करीब 40 प्रतिशत मरम्मत पूरी हो चुकी है। वहीं थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक लेखपाल सिंह ने बताया कि मिल की मशीनरी की मरम्मत तेजी से चल रही है। अक्तूबर तक सभी मिलों में मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
मिलों पर 172 करोड़ रुपये गन्ना बकाया
नए पेराई सत्र की तैयारियों के बीच जिले की चीनी मिलों पर किसानों का कुल 172 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। इनमें थानाभवन चीनी मिल पर सबसे अधिक 136 करोड़ रुपये और ऊन चीनी मिल पर 36 करोड़ रुपये बकाया हैं।
जिले की चीनी मिलों का बकाया गन्ना भुगतान
थानाभवन चीनी मिल : 136 करोड़ रुपये
ऊन चीनी मिल : 36 करोड़ रुपये
कुल बकाया : 172 करोड़ रुपये