संवाद न्यूज एजेंसी
ऊन। गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध ऊन क्षेत्र के किसान इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऊन शुगर मिल से जुड़े किसानों का अभी तक 57 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। बार-बार मांग और प्रशासनिक वार्ता के बावजूद भुगतान न होने से किसान परेशान हैं और रोजमर्रा का खर्च चलाने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो गए हैं।
सरकार की ओर से पूर्व में किसानों को 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य चुकाने के आदेश दिए गए थे। लेकिन शुगर मिल को बंद हुए करीब पांच माह हो चुके हैं, फिर भी बकाया भुगतान नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि बकाया भुगतान न मिलने से उन्हें बच्चों की फीस, बिजली बिल, शादी-ब्याह और बीमारी जैसी जरूरी जरूरतें पूरी करने में दिक्कत आ रही है।
किसान सोम चौधरी ने बताया कि उनका करीब तीन लाख रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली बिल लेट होते ही ब्याज लेती है, लेकिन भुगतान लेट होने पर किसान को ब्याज नहीं दिया जाता। यह किसानों के साथ अन्याय है।
ढिढांली निवासी रवि सिरोही ने कहा कि उनका लगभग दो लाख रुपये मिल पर बकाया है। भुगतान न होने से बच्चों की फीस और बिजली का बिल समय पर जमा नहीं कर पा रहे। दस से अधिक वार्ता प्रशासन से हाे चुकी हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही।