शामली। शामली चीनी मिल में हुए ब्रेकडाउन के साथ ही गन्ने के वाहनों की संख्या बढ़ने से शहर में जाम की स्थिति बन गई। मिल रोड से लेकर हनुमान रोड और वर्मा मार्केट तक दिनभर लंबा जाम लगा रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, जिले के 13 खरीद केंद्रों पर गन्ने की तुलाई बंद रहने से किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गन्ना लेकर पहुंचे कई किसान बिना तुलाई के ही लौट गए।
शामली चीनी मिल में केबल जलने से ब्रेकडाउन हो गया, जिससे करीब दस हजार क्विंटल गन्ना प्रभावित हुआ। इसके बाद 18 मार्च को हल्की बूंदाबांदी और 19 से 21 मार्च तक बारिश की संभावना के चलते मिल पर गन्ने के वाहनों की लंबी कतार लग गई। शामली चीनी मिल गेट से लेकर मिल रोड, नगर पालिका परिषद, अग्रसेन पार्क, वर्मा मार्केट, हनुमान रोड, बिजलीघर और कोतवाली से अस्पताल रोड तक गन्ना वाहनों की लाइनें लगी रहीं। मुख्य मार्गों पर जाम लगने से रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों और पैदल राहगीरों को भी भारी दिक्कत हुई।
गन्ना महाप्रबंधक सतीश कुमार बालियान ने बताया कि केबल जलने से मिल करीब चार घंटे बंद रही। वहीं बारिश की आशंका के कारण भी एक साथ अधिक वाहन पहुंच गए। मंगलवार को 40
हजार, बुधवार को 50 हजार और शुक्रवार के लिए 30 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया है। शुक्रवार तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
13 गन्ना खरीद केंद्रों पर तौल बंद
अपर दोआब चीनी मिल में अधिक गन्ना पहुंचने के कारण कुड़ाना समेत 13 खरीद केंद्रों पर तुलाई बंद रही। इससे किसान अपने गन्ने से भरे वाहन वापस ले जाने को मजबूर हो गए। कुड़ाना निवासी गौरव मलिक ने बताया कि गन्ना कटाई के बाद वह खरीद केंद्र पर पहुंचे, लेकिन तुलाई न होने के कारण उन्हें गन्ने से भरी ट्रॉली वापस घर लेकर जानी पड़ी।
शामली में एम एसके रोड पर गन्ने के वाहनों लगा जाम । संवाद