ऊन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने मिल गेट पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मिल अधिकारियों को अपने बीच में बुलाने की मांग की। काफी देर बाद नायब तहसीलदार पहुंचे और किसानों को भुगतान करने का आश्वासन दिया।
ऊन शुगर मिल पर लगभग 59 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। जिसको लेकर क्षेत्र के किसानों में मिल प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा है। सोमवार को क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने मिल गेट पर धरना दिया। आरोप है कि मिल अधिकारियों ने 25 सितंबर तक पूरा भुगतान करने का वायदा किया था। लेकिन निर्धारित समय पर भुगतान नहीं किया गया। किसानों ने तहसील प्रशासन पर भी मिल अधिकारियों से साठगांठ करने का आरोप लगाया।
किसानों ने मिल अधिकारियों को अपने बीच में बुलाने की भी मांग की, लेकिन मिल का कोई भी अधिकारी किसानों की बीच नहीं पहुंचा। बाद में किसानों ने मिल कर्मचारियों को मिल से बाहर निकलने और मेन गेट पर ताला लगाने का ऐलान कर दिया।
जिसके बाद नायब तहसीलदार पहुंचे तहसील दार जनेश्वर प्रसाद ने किसानों को जल्द ही भुगतान करने का आश्वासन दिया। लेकिन नायब तहसीलदार की बातों से धरने पर बैठे किसान संतुष्ट नहीं हो पाए। किसानों ने तहसीलदार को भी खूब खरी खोटी सुनाई।
इसके बाद किसानों ने नायब तहसीलदार को मिल के मैन गेट पर ताला लगाकर सील करने के लिए कहा जिस पर नायब तहसीलदार ने मैन गेट पर ताला जड़ दिया। बाद में किसानों ने गन्ना भुगतान की मांग को लेकर मंगलवार को तहसील कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया। मौके पर राजवीर, कपिल, रवि सिरोही, बेदपाल, सनोज, संजीव, मनोज, सोमपाल और भास्कर आदि शामिल रहे।