शामली। सीबीएसई ने 10वीं व 12वीं की टर्म टू की परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू कराने का निर्णय लिया है। पिछले सालों की तुलना में यह परीक्षा लगभग डेढ़ माह बाद होगी। हालांकि पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से बोर्ड परीक्षाएं नहीं हो पाई थी। इस बार बोर्ड परीक्षा होने से विद्यार्थी उत्साहित है। उन्होंने सीबीएसई के देर से परीक्षा कराने के फैसले को सही बताया है। इसे लेकर शिक्षकों व विद्यार्थियों से बात की गई तो उनका कहना है कि कोरोना काल में पढ़ाई बाधित हुई है। अब परीक्षा की अच्छी तैयारी करने का पूरा समय मिलेगा।
ये बोले शिक्षक: विद्यार्थियों के हित में है देर से परीक्षा का निर्णय
सीबीएसई का टर्म टू की परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू कराने का निर्णय स्वागत योग्य है। कोरोना काल में किन्हीं विशेष परिस्थितियों के कारणवश यदि कोई विद्यार्थी अपने अध्ययन को सुचारू रूप से नहीं कर पाया है तो अब इस अतिरिक्त समय का सदुपयोग कर परीक्षा में अधिकतम अंक प्राप्त कर सकता है। विषय से संबंधित अपने संदेहों को अपने अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में सही निस्तारण कर सकता है। विद्यार्थियों को इसे एक वरदान रूप में देखकर इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने का प्रयास करना चाहिए।
-आशु त्यागी, प्रधानाचार्या, स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल।
26 अप्रैल से टर्म टू की बोर्ड परीक्षा शुरू होगी। सीबीएसई का यह फैसला विद्यार्थियों के हित में रहेगा। कोरोना की वजह से जो पढ़ाई बाधित हुई है, उसकी पूर्ति विद्यार्थी इस अतिरिक्त समय से कर सकेंगे। विद्यार्थी इसका लाभ उठाएं और मेहनत से पढ़ाई कर बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करें।
-डॉ. उत्तम सिंह, प्रधानाचार्य मेपल्स एकेडमी।
26 अप्रैल से शुरू होने वाले टर्म टू की बोर्ड परीक्षा का निर्णय विद्यार्थियों के हित में है। विद्यार्थियों को परीक्षा की अच्छी तैयारी करने का अतिरिक्त समय मिला है। इसका विद्यार्थियों को लाभ उठाना चाहिए और यह अच्छे अंक प्राप्त करने का मौका है।
- नीरज कौशिक, उप प्रधानाचार्य बीएसएम स्कूल।
ये बोले विद्यार्थी: बोर्ड परीक्षा की अच्छी तैयारी करने का मिला मौका-
सीबीएसई का 26 अप्रैल से परीक्षा शुरू कराने का निर्णय सही है। इसका फायदा यह है कि विद्यार्थियों को तैयारी करने का उपयुक्त समय मिल गया है, लेकिन इसका एक नुकसान यह है कि आगे वाले सत्र में देरी हो जाएगी, लेकिन फिर भी यह विद्यार्थियों के हित में है।
-कनक सेन कक्षा 12 सी, स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल।
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इस बार बोर्ड की परीक्षा पिछले सालों की अपेक्षा लगभग 50 दिन बाद 26 अप्रैल से शुरू होगी। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई हुई है। अब परीक्षा देर से होने से वे अब और अच्छी तैयारी कर के साथ अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
-नमन जैन कक्षा 10 बी स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल
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सीबीएसई का देरी से परीक्षा कराने का निर्णय सही है। कोरोना काल में बोर्ड परीक्षा की अच्छे से तैयारी नहीं हो पाई थी। अतिरिक्त समय में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा और परीक्षा की अच्छी तैयारी होगी।
- शिवा भारद्वाज, कक्षा 10 बीएसएम स्कूल।
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बोर्ड परीक्षा करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। यह हमारे भविष्य का निर्धारण करती है। कोरोना महामारी के कारण शिक्षा का नुकसान हुआ है। सीबीएसई ने 26 अप्रैल से परीक्षा कराने का जो निर्णय लेकर दो माह का अतिरिक्त समय दिया है, उसका सही प्रयोग कर लाभ प्राप्त करेेंगे।
- वंशिका, कक्षा 12 बीएसएम स्कूल।
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बोर्ड परीक्षा देर से शुरू करने का फैसला सही है। इस समय में वह और ज्यादा अच्छे से परीक्षा की तैयारी करने का मौका मिलेगा।
- देव वर्मा, कक्षा 10 मेपल्स एकेडमी।
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12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम विद्यार्थी के भविष्य से जुड़ा होता है। कोरोना काल में पढ़ाई में जो व्यवधान रहा है, उसकी पूर्ति हम देर से परीक्षा होने के कारण जो समय मिला है, उसमें कर सकते हैं। सीबीएसई के देर से परीक्षा कराने के निर्णय से सहमत हूं।
- गार्गी भारद्वाज, कक्षा 12, मेपल्स एकेडमी।