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Shamli News: चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों ने की हड़ताल

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शामली कोतवाली में धरने पर बैठे सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी । संवाद
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शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के कैंप कार्यालय से साढ़े पांच लाख रुपये की चोरी का खुलासा न होने पर चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल की और शहर कोतवाली में धरने पर बैठ गए।
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चिकित्सक ने गंभीर आरोप लगाते पुलिस के रवैये पर रोष व्यक्त किया। सीओ सिटी अमरदीप मौर्य ने घटना के खुलासे के लिए सात दिन का समय मांगा। एक घंटे बाद धरना खत्म हुआ। उधर, हड़ताल के चलते ओपीडी 11 से 12 बजे तक बंद रहने से मरीज परेशान रहे। ज्यादातर मरीज बिना इलाज के लौट गए, जबकि कुछ मरीज चिकित्सकों की इंतजार करते रहे। धरना खत्म होने के बाद ओपीडी में मरीजों को उपचार दिया गया।
डॉ. दीपक कुमार भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के दामाद हैं। बुधवार को सुबह 11 बजे डॉ. दीपक अपनी पत्नी के साथ शहर कोतवाली पहुंचे। उनके साथ सीएचसी के सभी चिकित्सक और स्टाफ भी कोतवाली पहुंचा और धरने पर बैठ गए। डॉ. दीपक ने कहा कि पुलिस 10 दिन बाद भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई और उन्हें झूठे आश्वासन देकर गुमराह कर रही है। आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में जिन युवकों को पकड़ा था, उनसे सांठगांठ कर छोड़ दिया। चिकित्सक ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। उनके साथ पुलिस का व्यवहार सही नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक घटना का खुलासा नहीं होता और चोर पकड़े नहीं जाते, तब तक वे यहां से नहीं जाएंगे। इसकी जानकारी मिलने पर भाकियू नेता कुलदीप पंवार, कपिल खाटियान, अनिल मलिक व शांता कुमार आदि कोतवाली पहुंचे। उन्होंने इस घटना में पुलिस की कार्यशैली पर रोष व्यक्त किया। करीब एक घंटे बाद सीओ सिटी अमरदीप मौर्य ने चिकित्सक से बात की और घटना के खुलासे के लिए सात दिन का समय मांगा। सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इसके बाद चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी में पहुंचकर उपचार किया।
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मरीज देखते रह गए और चिकित्सक-स्टाफ उठकर चला गया
शामली। सीएचसी शामली में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगी थी। अचानक 11 बजे चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को छोड़कर चले गए। न दवा देने वाला कोई था और न ही मरीजों की जांच करने वाला। जांच कराने आई गर्भवती महिलाएं भी परेशान रहीं। एक्सरे कक्ष पर ताला लटका होने से मरीज मायूस दिखाई दिए। चिकित्सक व स्टाफ के न होने से ज्यादातर मरीज चले गए, जिससे ओपीडी गैलरी खाली पड़ी रही। कुछ मरीज चिकित्सकों के इंतजार में बैठे हुए मिले।
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यह है मामला
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार 10 दिन पहले 19 अक्तूबर की शाम को दीपावली पर परिवार समेत अपने गांव टांडा माजरा गए थे। दो दिन बाद 21 अक्तूबर की सुबह पहुंचे तो कैंप कार्यालय में रखी अलमारी टूटी हुई मिली थी और लॉकर में रखे साढ़े पांच लाख रुपये गायब मिले। चिकित्सक ने शहर कोतवाली में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगले दिन राकेश टिकैत ने भी सीएचसी पहुंचकर चोरी के मामले की जानकारी ली थी। 10 दिन बाद भी पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाई। इसे लेकर चिकित्सक व स्टाफ में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है।
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ये बोले मरीज
शहर के मोहल्ला कलंदरशाह निवासी गर्भवती हिना ने बताया कि वह जांच कराने आई थीं, लेकिन यहां पर चिकित्सक नहीं मिल पाया। रूबीना व जयपाल ने बताया कि उन्हें बुखार है। वे दवा लेने सीएचसी आए थे। उन्होंने पर्ची बनवा ली थी और चिकित्सक को दिखाने के लिए कतार में खड़े थे लेकिन अचानक चिकित्सक व स्टाफ उठकर चले गए। अब उन्हें बिना इलाज के वापस जाना पड़ेगा। सरोज ने बताया कि वह दर्द की दवा लेने आई हैं, लेकिन चिकित्सक पता नहीं कहां गए हैं। वह चिकित्सक की इंतजार कर रही हैं।
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