शामली। शिक्षक संगठनों ने दूसरे दिन भी टीईटी (टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट) के विरोध में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि टीईटी के नए नियमों और प्रक्रिया के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं।
महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष पूनम तोमर, नितिन, प्रवेंद्र शिक्षक संगठनों के नेताओं ने कहा कि वे टीईटी के माध्यम से शिक्षकों की योग्यता को आंकने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जो बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, वे शिक्षकों के अधिकारों और हितों के खिलाफ हैं। काली पट्टी बांधकर शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने अपने काम को प्रभावित किए बिना बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे टीईटी को लेकर सरकार से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद करते हैं और जल्द ही इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन भी कर सकते हैं।
काली पट्टी बांधकर विरोध करना बुधवार को भी जारी रहेगा और 26 को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा और जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने धरने और पैदल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।