शामली/बाबरी/दाहा। थाना बाबरी क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाबरी कट के निकट बागपत के प्रेमी युगल द्वारा जहर खाने के मामले में दूसरे दिन भी पुलिस जांच में जुटी रही। मृतक बीए के छात्र सूर्यदेव के शव का मंगलवार सुबह बागपत के तमेलागढ़ी गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवती स्वाति की भी मौत हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। पुलिस ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।
सोमवार शाम एक्सप्रेसवे पर कार के पास युवक-युवती बेहोशी की हालत में पड़े मिले थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि दोनों के मुंह से झाग निकल रहे थे। पास में सल्फास की एक खुली और चार-पांच बंद शीशियां मिली थीं। पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सूर्यदेव (24) निवासी तमेलागढ़ी, जिला बागपत को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में युवती स्वाति (20) निवासी धनौरा टीकरी, थाना दोघट, जिला बागपत को मेरठ मेडिकल रेफर किया गया था।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। बताया गया कि परिजनों द्वारा विवाह से इन्कार किए जाने के बाद दोनों ने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
कबड्डी में बना रहा था पहचान
मृतक के जीजा अर्णव ने बताया कि सूर्यदेव कबड्डी का उभरता हुआ खिलाड़ी था। हाल ही में उसने तीन जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में टीम को जीत दिलाई थी। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिवार और जिले का नाम रोशन करना चाहता था और लगातार अभ्यास कर रहा था।
परिवार में शोक का माहौल है और मोहल्ले के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हैं।
पहले लगाए नशे के इंजेक्शन, फिर किया सल्फास का सेवन
पुलिस के अनुसार कार से नशे के इंजेक्शन भी बरामद हुए हैं। आशंका है कि युगल ने पहले नशे के इंजेक्शन लगाए और उसके बाद सल्फास का सेवन किया। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
हाल ही में मिली थी नई कार
परिजनों ने बताया कि हाल ही में सूर्यदेव को नई कार दिलाई गई थी, जिससे वह कॉलेज और कबड्डी अभ्यास के लिए आता-जाता था। युवक के पिता गांव में परचून की दुकान करते हैं। युवक की असामयिक मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।