कांधला। यमुना खादर में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने और पुलिस द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमे खारिज कराने के लिए तीन गांव के लोगों की पंचायत हुई। निर्णय लिया कि अगर पुलिस प्रशासन ने मांगे नहीं मानी, तो जल्द ही महापंचायत करके आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
गांव इस्सोपुरटील क्षेत्र में यमुना नदी से अवैध रेत खनन के खिलाफ एक पखवाड़ा पूर्व गांव इस्सोपुर और डूंडूखेड़ा के ग्रामीणों ने मोर्चा खोलकर खनन माफिया को खदेड़ दिया था। खनन माफिया और ग्रामीणों के बीच फायरिंग भी हुई थी। कांधला थाना पुलिस ने मामले में खनन माफियाओं के साथ ही इस्सोपुरटील और डूंडूखेड़ा निवासी करीब 12 लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली थी, जिसमें खनन अधिनियम भी लगाया गया था। उसी को लेकर ग्रामीणों में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है।
मंगलवार दोपहर गांव इस्सोपुरटील में गांव डूंडूखेड़ा, गढ़ी रामकौर के ग्रामीणों की पूर्व प्रधान सुरेश के आवास पर पंचायत हुई। चौधरी जय सिंह ने कहा कि हमने पुलिस प्रशासन को कई बार अवैध रेत खनन पर रोक लगाने की मांग की। यमुना से लगातार हो रहे खनन व गोलीबारी के कारण ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी होने लगी थी। इसलिए इन्होंने स्वयं ही मोर्चा संभाल लिया। मगर पुलिस ने साथ देने के बजाए केस दर्ज कर दिया। पूर्व प्रधान पप्पू, मुखिया पप्पन, ग्राम डूंडूखेड़ा प्रधान राजपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने भी पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाया।
निर्णय लिया कि अगर पुलिस ने अवैध रेत खनन को बंद कराकर शीघ्र ही ग्रामीणो पर दर्ज मुकदमा खारिज नहीं किया, तो आंदोलन किया जाएगा। मौके पर प्रधान मोनू चौहान, तेजपाल, सोमपाल, मुकेश, जगदीश, चेनपाल, ओमा, मदन, उदल मुखिया, आदि ग्रामीण मौजूद रहे।